'भारत में 'चैटजीपीटी इमेजेज 2.0' से एक अरब से अधिक तस्वीरें बनीं'
21 अप्रैल को भारत में 'चैटजीपीटी इमेजेज 2.0' लॉन्च हुआ, जिसके बाद एक अरब से अधिक तस्वीरें बनीं। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बताया कि लोग विभिन्न प्रॉम्प्ट जैसे 'सिनेमैटिक पोर्ट्रेट' और 'मंगा कॉमिक स्ट्रिप' का उपयोग कर रहे हैं। यह एआई आधारित तस्वीरों का उपयोग अब पारंपरिक सीमाओं से परे बढ़ रहा है।

- 21 अप्रैल को भारत में लॉन्च हुआ था 'चैटजीपीटी इमेजेज' का नया संस्करण नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कंपनी 'ओपनएआई' के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि भारत में चैटजीपीटी के जरिये एक अरब से अधिक तस्वीरें बनाई जा चुकी हैं। यह आंकड़ा 21 अप्रैल को भारत में 'चैटजीपीटी इमेजेज 2.0' के लॉन्च के बाद सामने आया है।ओपनएआई द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, लोग 'सिनेमैटिक पोर्ट्रेट कोलाज', 'मिनी मी वर्ल्ड', 'अंडरवाटर पोर्ट्रेट', 'एनीमे', 'चिबी स्टिकर पैक', 'मंगा कॉमिक स्ट्रिप', 'एन्हांस' और 'फैशन स्टूडियो पोर्ट्रेट' जैसे प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल कर तस्वीरें तैयार कर रहे हैं।
कंपनी ने कहा कि यह रुझान दर्शाता है कि भारत में एआई आधारित तस्वीरें निर्माण अब केवल पारंपरिक उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्रिएटर संस्कृति, फैशन, प्रशंसकों से भी तेजी से जुड़ रहा है। कंपनी के अनुसार, अगर शुरुआती एक महीने के रुझान को संकेत माना जाए, तो 'चैटजीपीटी इमेजेज 2.0' भारत में लाखों लोगों को इंटरनेट के लिए एक नई दृश्य भाषा उपलब्ध करा रहा है। चैटजीपीटी इमेजेज का पहला संस्करण दिसंबर, 2025 में जारी किया गया था।
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