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नई दिल्लीकोरोना काल में बेहतर परवरिश अभिभावकों की चुनौती : सिसोदिया

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 05:50 PM
कोरोना काल में बेहतर परवरिश अभिभावकों की चुनौती : सिसोदिया

वैश्विक परवरिश दिवस के अवसर पर मंगलवार को दिल्ली सरकार की तरफ से एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार में विशेषज्ञों के साथ अभिभावक भी शामिल हुए। इस दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वर्तमान दौर में परवरिश पर बात बहुत जरूरी है। कोरोना काल में बच्चों की बेहतर परवरिश अभिभावकों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में परवरिश आज भी काफी हद तक पुराने ढांचे पर आधारित है, जिसे बदलने की जरूरत है। ऐसे में इस दौर में अभिभावकों को परवरिश के नए तरीकों को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों की दुनिया घर से बाहर निकलकर अपने सपनों की उड़ान भरने की होती है, लेकिन बच्चों की ये दुनिया पिछले डेढ़ साल से सिमटकर घर में रह गई है। इस दौर में अभिभावकों के सामने परवरिश से संबंधित नई चुनौतियां आ रही है। सिसोदिया ने कहा कि महामारी के इस दौर में जब बच्चे पूरे दिन घर में रहते हैं, उनमें मानसिक ठहराव, चिड़चिड़ापन, संबंधों के संतुलन में गड़बड़ी, मानसिक तनाव जैसी परेशानियां पैदा हो रही हैं। इसलिए जरूरी है कि अभिभावक परवरिश के नए तरीकों को सीखे और अपनाएं।

इसके लिए दिल्ली के स्कूलों में हैप्पीनेस कॅरिकुलम के माध्यम से सिखाए गए माइंडफुलनेस एक्सरसाइज और मेडिटेशन से अवसाद को दूर करने में सहायता मिलेगी। बच्चे अपने माता-पिता को भी ये एक्सरसाइज सिखा सकते हैं। वेबिनार में बाल मनोविज्ञान विशेषज्ञ शैलजा सेन और अमित सेन ने वेबिनार में अभिभावकों को बेहतर पेरेंटिंग के गुर सिखाए।

दोनों विशेषज्ञों ने बताया कि बेहतर परवरिश के लिए बच्चों के स्तर तक जाकर उनके मनोविज्ञान समझने की जरूरत है। उन्होंने अभिभावकों को अपने घरों में माइंडफुलनेस, ध्यान, योग जैसी गतिविधियां करने की सलाह दी। वेबिनार में विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से 10 हजार से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया।

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