
कौशल विकास तंत्र के लिए समन्वय जरूरी : जयंत चौधरी
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने चंडीगढ़ में कौशल विकास तंत्र के निर्माण के लिए केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। कौशल मंत्रियों के सम्मेलन में, उन्होंने...
चंडीगढ़, एजेंसी। केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने गुरुवार को कौशल विकास तंत्र के निर्माण के लिए केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय के महत्व पर जोर दिया। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने गुरुवार को चंडीगढ़ में कौशल मंत्रियों का क्षेत्रीय सम्मेलन ‘कौशल मंथन आयोजित किया। इस मौके पर जयंत चौधरी ने कहा कि प्रत्येक राज्य की अपनी विशिष्ट शक्तियां होती हैं, लेकिन संसाधनों का एकत्रीकरण, रणनीतियों का समन्वय और उद्योग को समान भागीदार बनाकर ही हम अपने आईटीआई संस्थानों को बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बना सकते हैं, जहां कौशल रोजगार, उद्यमिता और श्रम की गरिमा का मार्ग प्रशस्त करे।

सम्मेलन का मुख्य आकर्षण आईटीआई का विकास और कौशल उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए हाल ही में स्वीकृत 60,000 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय योजना थी। इसका उद्देश्य अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से 1,000 सरकारी आईटीआई को विश्व स्तरीय उत्कृष्ट संस्थानों में बदलना है। राज्यों ने रूपरेखा प्रस्तुत की पंजाब ने उत्कृष्टता केंद्रों और नए युग के ट्रेडों सहित आईटीआई में अपने सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत की। हरियाणा ने ड्रोन दीदी योजना, दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली और भारत के पहले कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना जैसी पहलों पर प्रकाश डाला। बिहार ने अपने उद्योग 4.0 सहयोग, उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम और नव स्थापित जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के बारे में चर्चा की। उत्तराखंड ने उद्योग 4.0 के लिए तैयार कार्यबल बनाने के लिए अपने उत्कृष्ट केंद्रों, टाटा टेक्नोलॉजीज और हीरो जैसे उद्योग जगत के साथ साझेदारी का विवरण दिया।

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