सीबीएसई: पहली बार पूरी तरह ऑन स्क्रीन मार्किंग से हुआ मूल्यांकन
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस वर्ष पहली

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस वर्ष पहली बार 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का पूर्ण स्तर पर ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली से मूल्यांकन किया। बोर्ड ने इसे अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल मूल्यांकन अभियान बताया है। सीबीएसई से भारत समेत 27 देशों के स्कूल संबद्ध हैं और परीक्षा भारतीय मानक समय के अनुसार आयोजित की गई।
ओएसएम प्रणाली का महत्व
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डा.संयम भारद्वाज का कहना है कि दुनिया में पहली इतनी बड़ी संख्या में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ है। इस वर्ष कुल 98,66,622 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ओएसएम के जरिए किया गया। इस प्रणाली के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन केंद्रों तक भौतिक रूप से ले जाने की आवश्यकता नहीं रही। इससे जोड़, अंक अपलोड करने और पोस्टिंग संबंधी त्रुटियां समाप्त हुईं तथा प्रत्येक उत्तर का मूल्यांकन निर्धारित अंक योजना के अनुसार सुनिश्चित किया गया। बोर्ड का कहना है कि इससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ और निष्पक्ष व वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन संभव हो सका। उन्होंने बताया कि यदि कॉपियों की संख्या अधिक है और उसके मूल्यांकन करने वाले एक केंद्र पर कम हैं तो इन कापियों को तुंरत दूसरे केंद्र पर ऑनलाइन ही भेज दिया जाता था।
डिजिटल प्रक्रिया के लाभ
उन्होंने बताया कि डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से मूल्यांकन कार्य अधिक तेज और पारदर्शी हुआ है।
बोर्ड के मुताबिक पारंपरिक मूल्यांकन प्रणाली में जोड़, अंक चढ़ाने और अपूर्ण मूल्यांकन जैसी त्रुटियों की संभावना रहती थी, जबकि ओएसएम में इन समस्याओं को समाप्त कर दिया गया है। उत्तर पुस्तिकाओं के खोने या क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी खत्म हो गई है। डिजिटल माध्यम से मूल्यांकन होने के कारण यह प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल भी मानी जा रही है।
सीबीएसई ने बताया कि 12वीं स्तर पर 120 विषयों की परीक्षा आयोजित की गई, जो किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय बोर्ड में सबसे अधिक है। वर्ष 2026 की परीक्षा 17 फरवरी से 9 अप्रैल तक 52 दिनों में आयोजित हुई, जबकि 2025 में परीक्षाएं 15 फरवरी से 4 अप्रैल तक 49 दिनों में हुई थीं।
पश्चिम एशियाई देशों की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बोर्ड ने वहां के विद्यार्थियों का परिणाम भी अन्य छात्रों के साथ ही जारी किया। जिन देशों में कुछ परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं, वहां के विद्यार्थियों का परिणाम भी एक साथ घोषित किया गया है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में इस बार त्रिवेंद्रम जोन ने बाजी मारी है। इसका पास फीसद 95.62 है। जबकि विगत वर्ष विजयवाड़ा पहले स्थान पर था। इस बार विजयवाड़ा चौथे स्थान पर है। दिल्ली ईस्ट और दिल्ली वेस्ट जोन के स्थान में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है। इस बार भी आखिरी स्थान पर प्रयागराज जोन रहा। यहां पास फीसद 72.43 था। विगत वर्ष विजयवाड़ा क्षेत्र में सबसे अधिक 99.60 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए थे। उसके बाद त्रिवेंद्रम में 99.32 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए। विगत वर्ष प्रयागराज क्षेत्र में सबसे कम 79.53 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए।
क्षेत्रवार उत्तीर्ण प्रतिशत - 2026
क्षेत्र का नाम — उत्तीर्ण फीसद
त्रिवेंद्रम-- 95.62 फीसद
चेन्नई — 93.84 फीसद
बेंगलुरु — 93.19 फीसद
विजयवाड़ा — 92.77 फीसद
दिल्ली पश्चिम — 92.34 फीसद
दिल्ली पूर्व — 91.73 फीसद
अहमदाबाद — 90.60 फीसद
गुरुग्राम — 88.45 फीसद
लुधियाना — 87.92 फीसद
पुणे — 87.32 फीसद
अजमेर — 86.78 फीसद
पंचकूला — 85.73 फीसद
रांची — 85.01 फीसद
गुवाहाटी — 83.41 फीसद
लखनऊ — 82.21 फीसद
भुवनेश्वर — 81.71 फीसद
देहरादून — 81.42 फीसद
रायपुर — 80.88 फीसद
भोपाल — 79.43 फीसद
नोएडा — 79.02 फीसद
पटना — 74.45 फीसद
प्रयागराज — 72.43 फीसद
---------------------------
परीक्षा का आकार - 2026
सीबीएसई परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है। संख्या के लिहाज से वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा इस प्रकार रही:
कुल स्कूल — 19,967
पंजीकृत विद्यार्थी — 18,57,517 (इसमें पिछले वर्ष के कंपार्टमेंट आदि के छात्र शामिल)
सभी विषयों सहित कुल उत्तरपुस्तिकांए— 98,66,622
वर्ष 2026 में निर्धारित परीक्षा केंद्र — 7,573
केंद्र अधीक्षक — 7,573
उप केंद्र अधीक्षक — 7,573
परीक्षा के लिए इस्तेमाल किए गए कक्ष — 73,500
निरीक्षक (इनविजिलेटर) — 5,06,194
प्रस्तावित विषय — 120
मूल्यांकन केंद्र — 6,000 से अधिक
उपयोग में लाए गए कंप्यूटर — 88,000
केंद्र नोडल पर्यवेक्षक — 5,435
उत्तरी पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वाले लोग - लगभग 70 हजार
मूल्यांकन के दौरान उपस्थित सहायक परीक्षक--17500
मूल्यांकन के दौरान उपस्थित मुख्य परीक्षक--3889
------------------------
पिछले छह साल का में सबसे कम रहा 12वीं का पास फीसद
इस बार सीबीएसई बोर्ड का पास फीसद विगत छह साल में सबसे कम है। कोविड के दौर में सबसे अधिक पास फीसद दर्ज किया गया लेकिन उसके बाद इसमें फिर यह नहीं बढ़ा। 2020 से 2026 के बीच सबसे कम 85.20 पास फीसद इस वर्ष दर्ज किया गया। जबकि इन छह वर्षों में से अधिक पास फीसद 99.37 फीसद 2021 में दर्ज किया गया।
वर्ष--नामांकन--शामिल--उत्तीर्ण
-2020- 1203595- 1192961- 1059080- 88.78
-2021- 1369745- 1304561- 1296318- 99.37
-2022- 1444341- 1435366- 1330662- 92.71
-2023--1680256--1660511---1450174---87.33
-2024--1633730--1621224--1426420--87.98
-2025--1704367--1692794--1496307--88.39
- 2026--1780365---17568968---1507109--85.20
---------------------------------------------
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


