सीबीएसई: 90 और 95 फीसद अंक पाने वाले छात्रों की संख्या घटी
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा जारी 12वीं के

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा जारी 12वीं के परीक्षा परिणाम में इस वर्ष 90 फीसद और 95 फीसद अंक पाने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। विगत वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 1,11,544 छात्रों ने 90 फीसदी व इससे अधिक अंक प्राप्त किए जबकि 2024 में 12वीं बोर्ड परीक्षा में 1 लाख 16 हजार 145 छात्रों ने 90 फीसदी व इससे अधिक अंक प्राप्त किए थे। इस साल यह संख्या 94,028 है। जबकि 12वीं में 95 फीसदी या इससे अधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों की 24,867 थी इससे पहले 2024 में 12वीं कक्षा में 95 फीसदी अंक हासिल करने वालों की संख्या 24,068 छात्रों थी लेकिन इस वर्ष यह 17113 है।
फीस फीसद घटने का कारण ओएसएम तो नहीं
सीबीएसई द्वारा विगत पांच साल में सबसे कम पास फीसद होने और इस साल 90 और 95 फीसद अंक कम पाने छात्रों की संख्या कम होने के पीछे कुछ स्कूलों के प्रिंसिपल दबी जुबान में सीबीएसई की कॉपी चेक करने की नई प्रणाली ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) को जिम्मेदार मान रहे हैं। एक प्रिंसिपल ने बताया कि ऑनलाइन केंद्रों पर जिन लोगों को कॉपियां चेक करने के लिए रखा गया था उनको पूरी तरह से प्रशिक्षित नहीं किया गया था। कई सरकारी स्कूलों के शिक्षक लैपटॉप या कंप्यूटर के प्रयोग को लेकर अभ्यस्त नहीं थे। मंगलवार रात तक कॉपियां चेक की गई हैं। ऐसे में लग रहा है आनन फानन में परीक्षा परिणाम निकाला गया है। एक शिक्षक का कहना है कि सीबीएसई को इस दिशा में सोचना चाहिए। कई महत्वपूर्ण विषयों में छात्रों के अंक कम आए हैं वह पुनर्मूल्यांकन के लिए डालेंगे। फिजिक्स और केमेस्ट्री में भी छात्रों के अंक कम आए हैं। हालांकि सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक ने इससे इंकार किया है।
12वीं में 90 से 95 फीसद से बीच अंक हासिल करने वाले छात्रों की संख्या
माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल और सीबीएसई के गवर्निंग बॉडी की पूर्व सदस्य ज्योति अरोड़ा का कहना है कि सीबीएसई 12वीं के परिणामों में आई हल्की गिरावट आने या 90 से 95 फीसद अंक पाने वाले छात्रों की संख्या में कमी के पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई कारण हो सकते हैं। उनके अनुसार नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अब अवधारणात्मक समझ और क्षमता आधारित मूल्यांकन पर अधिक जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिणामों में बदलाव को केवल ओएसएम चेकिंग या मूल्यांकन पद्धति से जोड़ना उचित नहीं होगा। यह बदलाव रटने वाली पढ़ाई से हटकर प्रयोग और समझ आधारित शिक्षा की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
12वीं में 95 से 100 फीसद से बीच अंक हासिल करने वाले छात्रों की संख्या
वर्ष - 12वीं बोर्ड
2018 - 72,599
2019 - 94,299
2020 - 1,57,934
2021 -1,50,152
2022 - 1,34,797
2023 -1,12,838
2024 -1,16,145
2025 -1,11,544
2026---94028
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12वीं में 95 से 100 फीसद से बीच अंक हासिल करने वाले छात्रों की संख्या
वर्ष---12वीं बोर्ड
2018--12737
2019--17693
2020--38686
2021--70004
2022--33432
2023--22622
2024--24068
2025--24867
2026--17113
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