
म्यांमार साइबर गुलामी का अड्डा बना : सीबीआई
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने म्यांमार में डिजिटल अरेस्ट के 13 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच में पता चला है कि म्यांमार साइबर ठगी का बड़ा अड्डा बन गया है, जहां भारतीयों को कॉल सेंटर की नौकरी के नाम पर ले जाकर बंधक बनाया जा रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने डिजिटल अरेस्ट के 13 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। इसमें सीबीआई ने बताया है कि म्यांमार साइबर गुलामी का बड़ा अड्डा बनता जा रहा है। दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों से भी साइबर ठगी गिरोह चलाने की बात सामने आई है। सीबीआई ने आरोपपत्र में बताया कि डिजिटल अरेस्ट की जांच के दौरान म्यांमार में लोगों को गुलाम बनाकर साइबर ठगी करवाने की बात सामने आई। इस पर एजेंसी ने इसकी भी जांच शुरू की। इस दौरान साइबर ठगी से जुड़े 15 हजार से अधिक ‘इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस’ की गहन जांच की गई।
पता चला कि पीड़ितों से रकम मंगाने के लिए बैंक खातों का संचालन विदेशों से किया जा रहा था। इन गिरोहों के सरगना कंबोडिया, हांगकांग और चीन से निर्देश दे रहे हैं। कॉल सेंटर की नौकरी के नाम पर ले जाते हैं एक अधिकारी ने बताया कि जांच में यह साफ हुआ कि डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर ठगी के सबसे अधिक मामले म्यांमार से संचालित हो रहे हैं। यह भी पता चला कि भारतीय लोगों को कॉल सेंटर में नौकरी के नाम पर वहां ले जाकर बंधक बनाया गया और फिर उनके जरिये ठगी को अंजाम दिया गया।

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