Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsCBI Arrests Japanese Scam Mastermind Dwi Bendu Moharana at Bhubaneswar Airport
जापानी नागरिकों को ठगने वाला गिरफ्तार

जापानी नागरिकों को ठगने वाला गिरफ्तार

संक्षेप: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जापानी नागरिकों को ठगने वाले गिरोह के सरगना द्विबेंदु मोहराना को भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया। वह मई 2025 में नोएडा में अपने कॉल सेंटर का पर्दाफाश होने के बाद भाग गया था। सीबीआई ने ऑपरेशन चक्र-5 के तहत जापान की पुलिस और माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर कार्रवाई की।

Sat, 1 Nov 2025 08:28 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जापानी नागरिकों को ठगने वाले गिरोह के सरगना द्विबेंदु मोहराना को 30 अक्तूबर को भुवनेश्वर एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी उस समय भारत लौटते समय पकड़ा गया। वह मई 2025 में नोएडा में अपने अवैध कॉल सेंटर का पर्दाफाश होने के बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भाग गया था। यह कार्रवाई ऑपरेशन चक्र-5 के तहत की गई, जिसमें सीबीआई ने जापान की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर काम किया। जांच में पता चला कि मोहराना नोएडा में वीओआईपी कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर चलाता था।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

वहां से उसके साथी जापानी नागरिकों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के तकनीकी सहायक बनकर फोन करते थे। पीड़ितों को कंप्यूटर में वायरस या सिस्टम फेलियर का झूठा डर दिखाकर डिजिटल वॉलेट या बैंक ट्रांसफर के जरिए पैसे ऐंठे जाते थे। सीबीआई ने इस मामले में 28 मई 2025 को दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 19 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान छह आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था। मोहराना उसी रात भुवनेश्वर से यूएई फरार हो गया था। सीबीआई ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था, जिसके आधार पर एयरपोर्ट पर उसे रोका गया। गिरफ्तारी के बाद मोहराना को ट्रांजिट वारंट पर दिल्ली लाया गया। सीबीआई की विशेष अदालत ने उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि साइबर नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फंड ट्रेल और विदेशी खातों की जानकारी हासिल की जा सके। इस मामले में सीबीआई ने अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और वे न्यायिक हिरासत में हैं। जांच से सामने आया है कि यह सिंडिकेट सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल करता था। जापानी भाषा में स्क्रिप्ट तैयार कर पीड़ितों को विश्वास में लिया जाता था। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, यह ऑपरेशन साइबर अपराध के खिलाफ हमारी वैश्विक साझेदारी का उदाहरण है। जापान पुलिस और माइक्रोसॉफ्ट की तकनीकी मदद से हमने इस नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।