ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News NCR नई दिल्लीसावधान : वजन घटाने वाली दवाओं से पेट के लकवे का जोखिम

सावधान : वजन घटाने वाली दवाओं से पेट के लकवे का जोखिम

- अमेरिका की दो लोकप्रिय दवाइयों पर हुए अध्ययन में सामने आए निष्कर्ष

सावधान : वजन घटाने वाली दवाओं से पेट के लकवे का जोखिम
हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीMon, 27 May 2024 05:00 PM
ऐप पर पढ़ें

नई दिल्ली, एजेंसी।
मधुमेह और वजन घटाने वाली दवाओं के सेवन से पेट के लकवे का जोखिम बढ़ सकता है। अमेरिका में ओजेम्पिक और वेगोवी जैसी लोकप्रिय दवाओं के दुष्प्रभावों को जानने के लिए हुए शोध में ये निष्कर्ष सामने आए हैं। वाशिंगटन में 18-21 मई तक हुए स्वास्थ्य सम्मेलन ‘पाचन रोग में इस अध्ययन को पेश किया गया।

अध्ययन में पाया गया, इन दवाओं का सेवन करने वाले लोगों में पेट का लकवा होने का खतरा उन लोगों की तुलना में 30 फीसदी अधिक है, जिन्होंने ये दवाइयां नहीं लीं। यह अध्ययन मधुमेह और मोटापे से ग्रस्त तीन लाख से अधिक लोगों के रिकॉर्ड के विश्लेषण पर आधारित है। अध्ययन का नेतृत्व करने वाले कैनसस विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने बताया, पेट का लकवा इन दवाओं का एक दुर्लभ दुष्प्रभाव है, लेकिन वजन घटाने वाली दवाओं के ज्यादा उपयोग को देखते हुए लोगों को इसके बारे में सतर्क करना जरूरी है। उन्होंने कहा, ये दवाएं नई हैं। ऐसे में इसके दीर्घकालिक दुष्प्रभावों की पूरी सीमा का पता लगाना बाकी है। इसलिए हमें लगता है कि जो लोग इन्हें ले रहे हैं उन्हें सावधान रहना चाहिए।

चिंता : भारत में चोरी छिपे मिल रही ये दवाएं

एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेगोवी और ओजेम्पिक भारत में कानूनी रूप से उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, कई लोग ये दवाइयां ग्रे मार्केट के जरिये मनमानी कीमत देकर खरीदते हैं। हाल ही में डेनमार्क की एक कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में टैबलेट के रूप में ‘रयबेलसस को पेश किया है, जिसमें ओजेम्पिक का मुख्य घटक सेमाग्लूटाइड है। इसे मधुमेह के लिए मंजूरी मिली है, पर डॉक्टरों का कहना है कि इस दवा का उपयोग वजन घटाने के लिए भी किया जा रहा है।

आंत की मांसपेशिया हो जाती हैं कमजोर

पेट के लकवे को मेडिकल भाषा में गैस्ट्रोपेरेसिस कहते हैं। इसकी वजह से आंत की मांसपेशिया कमजोर हो जाते हैं। दरअसल, आंत की मांसपेशियां अपने आप संकुचित होती रहती हैं, जिससे भोजन आंतों में पचकर आगे बढ़ता जाता है। लेकिन पेट में लकवा हो गया तो मूवमेंट कम हो जाती है, जिससे भोजन बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ता है। इससे पेट हमेशा भरा हुआ महसूस होता है और पेट खाली नहीं होता।

यह हैं लक्षण

उल्टी, मतली, पेट फूलना, पेट में दर्द, हमेशा पेट भरा हुआ महसूस होना, एसिड रिफलेक्स, भूख की कमी आदि इस बीमारी के लक्षण है। पेट में लकवे का वास्तविक कारण क्या है, इसके बारे में सही से पता नहीं है। पर मधुमेह जैसी कुछ अन्य बीमारियां और दवाइयों के साइड इफेक्ट्स से यह बीमारी हो सकती है।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।