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26 नवंबर, 2020|12:55|IST

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घरेलू विवाद में छेड़खानी का मुकदमा, बुजुर्ग को जमानत

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नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता

घरेलू विवाद के मामलों में गंभीर आरोप लगाने का एक चलन चल गया है। पुलिस को इस तरह के मुदकमों की जांच में बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसा ही एक मामला अदालत के सामने आया, जहां एक पारिवारिक विवाद के मामले में छेड़खानी और महिला सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।

अदालत ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी तो पता चला कि यह मामला पारिवारिक विवाद का है और इसे छेड़खानी का रंग दिया जा रहा है। अदालत ने परिवार के सदस्यों को आपसी सुलह के लिए मध्यस्थता केन्द्र भेज दिया है। रोहिणी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किरण गुप्ता की अदालत में दो वरिष्ठ नागरिकों ने जमानत याचिका दायर की। अदालत ने बुजुर्गों पर छेड़खानी के आरोप को गंभीरता से लिया और पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगी। अदालत का कहना था कि अगर वाकई इन दोनों वरिष्ठ नागरिकों ने छेड़खानी को अंजाम दिया है तो यह एक गंभीर मामला है। पुलिस ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि परिवार में पिछले कुछ समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। बहू संपत्ति अपने नाम कराने को लेकर सास-ससुर से झगड़ रही थी। घटना वाले दिन कहासुनी बढ़ गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। इसके बाद बहू ने पीसीआर कॉल कर पुलिस बुला ली और ससुर और चाचा ससुर पर छेड़खानी और महिला सम्मान को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज करा दिया। अदालत ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर बुजुर्गों को जमानत दे दी। अदालत ने टिप्पणी की है कि पुलिस के मुताबिक यह मामला छेड़खानी या महिला अपमान की गंभीर धाराओं की श्रेणी की बजाय पारिवारिक विवाद का है। बेमतलब इसे अलग रंग दिया जा रहा है, जबकि जरूरत आपसी मनमुटाव को खत्म करने की है।

मध्यस्थता केन्द्र भेजा

अदालत ने मामले में जांच अधिकारी से पूछा कि इस परिवार के बीच झगड़े का स्तर क्या है और इनमें आपसी सुलह की कितनी संभावना है। जांच अधिकारी ने कहा कि जितना छानबीन के दौरान सामने आया है, उससे लगता है कि अगर प्रयास किया जाए तो विवाद को समाप्त कराया जा सकता है। इनके बीच झगड़े की कोई बड़ी वजह नहीं है, बल्कि छोटी-छोटी बातों को लेकर यह उलझ जाते हैं। इनकी वजह से परिवारों में विवाद होता है। अदालत ने जानकारी जुटाने के बाद निर्देश दिए कि परिवार के सभी सदस्यों को मध्यस्थता केन्द्र में बैठाकर समझाया जाए और आपसी सुलह की कोशिश की जाए।

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  • Web Title:Case of molestation in domestic dispute bail to elderly