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हिंदी न्यूज़ NCR नई दिल्लीब्यूरो :: देश में दो लाख हाईवे नेटवर्क के लक्ष्य को लग सकता है झटका

ब्यूरो :: देश में दो लाख हाईवे नेटवर्क के लक्ष्य को लग सकता है झटका

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीNewswrap
Thu, 28 Oct 2021 08:30 PM
ब्यूरो :: देश में दो लाख हाईवे नेटवर्क के लक्ष्य को लग सकता है झटका

- एनएचएआई चेयरमैन का पद रिक्त, एक साल से सदस्य वित्त नहीं

- कई बार हुआ पत्राचार, सरकार नियुक्ति को लेकर जल्दबाजी में नहीं दिख रही

05 लाख करोड़ से अधिक निवेश की योजना है 2025 तक हाईवे पर

नई दिल्ली, अरविंद सिंह

केंद्र सरकार ने 2022 तक भारत में नेशनल हाईवे का नेटवर्क बढ़ाकर दो लाख किलोमीटर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। सरकार भारतमाला, सागरमाला, 23 नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस, नौ इकोनॉमिक कॉरिडोर मेगा परियोजनाओं पर काम कर रही है। लेकिन निर्माण करने वाली केंद्रीय एजेंसी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के चेयरमैन और सदस्य वित्त जैसे अति महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं। सरकार से एक साल से पत्राचार चल रहा है, लेकिन किसी की नियुक्ति नहीं हुई। इससे सरकार के लक्ष्य को झटका लग सकता है।

सरकार के इस रवैये को देखते हुए सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के सचिव गिरधर अरमाने ने एनएचएआई चेयरमैन के एसओडी वेंकटरमन को परिवहन भवन (मंत्रालय) में कमरा आवंटित कर दिया है। इससे साफ हो जाता है कि सरकार नया चेयरमैन नियुक्ति करने की जल्दबाजी में नहीं है। सड़क परिवहन मंत्रालय के संयुक्त सचिव कमलेश चतुर्वेदी ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अपर सचिव श्रीनिवास रामास्वामी को 9 जुलाई को पत्र लिखा था। इसमें विभाग में शीर्ष स्तर पर तीन पदों के रिक्त होने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एनएचएआई चेयरमैन सुखबीर सिंह संधू को उनके उत्तराखंड कैडर में भेजने का फैसला जनवरी 2021 में हो गया था। छह माह के विस्तार के बाद चेयरमैन का पद खाली है।

परियोजनाओं पर फैसले लेने में देरी हो रही

इस प्रकार एनएचएआई में सदस्य वित्त का पद सितंबर 2020 से खाली है। इस पर नियुक्ति के लिए कमलेश चतुर्वेदी ने 6 अक्तूबर 2020 को कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था। इसके बाद कई बार पत्राचार किया जा चुका है। हाल में 1 अक्तूबर को चतुर्वेदी ने केंद्रीय सचिवालय के सचिव अमनदीप गर्ग को पत्र लिखा है। लेकिन अभी तक रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार ने आदेश जारी नहीं किए हैं। इससे नए सड़क निर्माण के प्रस्ताव, चालू परियोजनाओं में वित्तीय मंजूरी आदि परियोजनाओं पर फैसले लेने में देरी हो रही है। यह दीगर बात है कि सरकार का दावा है कि चालू वित्त वर्ष में 40 किलोमीटर प्रतिदिन हाईवे निर्माण का लक्ष्य रखा है। सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में 2025 तक पांच लाख करोड़ से अधिक निवेश की योजना बनाई है।

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