DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   NCR  ›  नई दिल्ली  ›  ब्यूरो ::: साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन
नई दिल्ली

ब्यूरो ::: साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 09:40 PM
ब्यूरो ::: साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन

- 155260 पर कर सकते हैं इंटरनेट बैंकिंग समेत ऑनलाइन फाइनेंस से जुड़ी धोखाधड़ी की शिकायत

नई दिल्ली। विशेष संवाददाता

डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने और डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय हेल्पलाइन 155260 और रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इस नंबर पर पीड़ित इंटरनेट बैंकिंग समेत ऑनलाइन फाइनेंस से संबंधित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

हेल्पलाइन को 1 अप्रैल 2021 को सॉफ्ट लॉन्च किया गया था। हेल्पलाइन नंबर 155260 और इसके रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म को गृह मंत्रालय के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र द्वारा चालू किया गया है। वर्तमान में इसका उपयोग सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (छत्तीसगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश) द्वारा 155260 के साथ किया जा रहा है, जो देश की 35 प्रतिशत से अधिक आबादी को कवर करता है। अपने सॉफ्ट लॉन्च के बाद से दो महीने के कम समय में ही इस हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज किए गए शिकायतों के आधार पर 1.85 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले सक्रिय साइबर ठगों के बड़े गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है। वहीं दिल्ली और राजस्थान में जांच के दौरान कई खाते सीज किए गए और 58 लाख रुपये और 53 लाख रुपये रिकवर किए गए।

-

ऐसे काम करता है सिस्टम

हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते ही इसकी जानकारी संबंधित वित्तीय संस्थानों तक पहुंचा दी जाती है। यह फ्रॉड ट्रांजेक्शन टिकट जिस वित्तीय संस्थान से पैसा कटा (डेबिट हुआ) है और जिन वित्तीय संस्थान में गया (क्रेडिट हुआ) है। दोनों के डैशबोर्ड पर नजर आएगा। जिस बैंक व वॉलेट में टिकट दिया गया होता है, उसे फ्रॉड ट्रांजेक्शन की जानकारी के लिए जांच करनी होती है। इसके बाद ट्रांजेक्शन को अस्थायी तौर पर ब्लॉक कर दिया जाता है। साथ ही पीड़ित को एक एसएमएस भी भेजा जाता है, जिसमें शिज संख्या का उपयोग करके 24 घंटे के भीतर धोखाधड़ी का पूरा विवरण राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन (https://cybercrime.gov.in/) पर जमा करने का निर्देश दिया जाता है।

संबंधित खबरें