DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   NCR  ›  नई दिल्ली  ›  ब्यूरो :::: दुर्लभ बीमारियों के लिए क्राउड फंडिंग में मदद करें : हर्षवर्धन
नई दिल्ली

ब्यूरो :::: दुर्लभ बीमारियों के लिए क्राउड फंडिंग में मदद करें : हर्षवर्धन

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 08:10 PM
ब्यूरो :::: दुर्लभ बीमारियों के लिए क्राउड फंडिंग में मदद करें : हर्षवर्धन

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि दुर्लभ बीमारियों के इलाज में क्राउंड फंडिग बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दुर्लभ रोग नीति जारी की है तथा क्राउड फंडिग के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल तैयार किया है। उन्होंने कॉरपोरेट से वित्तीय योगदान की अपील की।

यह बात उन्होंने गुरुवार को दुर्लभ रोगों से ग्रस्त मरीजों के लिए वालंटरी क्राउड फंडिंग और टीबी मुक्त कार्यस्थल से संबंधित वेबिनार को संबोधित करते हुए कही। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि जब किसी परिवार में कभी कोई सदस्य अस्वस्थ हो जाता है तो माता-पिता को गहरी तकलीफ महसूस होती है। इसे देखते हुए दुर्लभ बीमारियों से ग्रस्त बच्चों के कष्ट और उस परिवार की स्थिति का अंदाजा लगाना अत्यंत कठिन होता है, विशेषकर तब जब इन बीमारियों का कोई ठोस इलाज न हो। दुर्लभ रोगियों के लिए इलाज के अलावा उसकी दवाइयां इतनी महंगी होती हैं कि दाम की कल्पना नहीं की जा सकती है। डॉ. हर्षवर्धन ने दुर्लभ रोगों के इलाज में सहायता के लिए सभी कॉरपोरेट्स से वित्तीय योगदान करने की अपील की।

वेबिनार में केंद्रीय मंत्रालयों, सीआईआई और फिक्की, एसोचैम, पीएचडी जैसे संगठनों, केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों के कुल मिलाकर 155 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण, अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा और संयुक्त सचिव रेखा शुक्ला उपस्थित थीं। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि वेबिनार का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील है। वास्तव में यह भारतीय संस्कृति में जरूरतमंद लोगों की सहायता करने की भावना को प्रदर्शित करता है।

-

7,000 दुर्लभ रोगों में से केवल 5% का ही इलाज

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि लगभग 7,000 तरह के दुर्लभ रोगों में से केवल 5 फीसदी का ही इलाज उपलब्ध है। दुर्लभ रोगियों में से 8 प्रतिशत रोगी अलग-अलग किस्म के दुर्लभ रोगों से ग्रस्त होते हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति बनाई है और क्राउड फंडिंग के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल बनाया गया है। दुर्लभ रोगों की चिंता को देखते हुए राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति को कोविड काल में तैयार किया गया।

संबंधित खबरें