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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाक ने 72 आतंकी लॉन्चपैड हटाए : बीएसएफ

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाक ने 72 आतंकी लॉन्चपैड हटाए : बीएसएफ

संक्षेप:

- बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया - 12 लॉन्चपैड सियालकोट और

Nov 29, 2025 09:22 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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- 60 लॉन्चपैड काम कर रहे हैं सीमा से काफी दूर जम्मू, एजेंसी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद 72 आतंकी लॉन्चपैड पाकिस्तान ने भीतरी इलाकों में शिफ्ट कर दिए गए हैं। अगर सरकार सीमा पार ऑपरेशन फिर से शुरू करने का फैसला करती है, तो बल दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार है। बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को ये बातें कही। अधिकारियों ने कहा कि बीएसएफ 7-10 मई तक चार दिनों की झड़पों के बाद सैन्य कार्रवाई रोके जाने का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ ने सीमा पर कई आतंकी लॉन्चपैड तबाह कर दिए थे।

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इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने उनको भीतरी इलाके में शिफ्ट कर दिए। करीब 12 लॉन्चपैड सियालकोट और जफरवाल से काम कर रहे हैं। बीएसएफ के डीआईजी विक्रम कुंवर ने कहा कि इसी तरह सीमा से दूर 60 लॉन्चपैड काम कर रहे हैं। कुंवर ने बीएसएफ के आईजी (जम्मू फ्रंटियर) शशांक आनंद और डीआईजी कुलवंत राय शर्मा के साथ मिलकर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें 2025 में बल की कामयाबियों के बारे में बताया गया। इसमें ऑपरेशन सिंदूर की भूमिका भी शामिल थी। बदलते रहते हैं आतंकियों की संख्या अधिकारियों ने बताया कि इन लॉन्चपैड और उनमें मौजूद आतंकवादियों की संख्या बदलते रहते हैं। डीआईजी कुंवर ने बताया कि वे हमेशा इसमें नहीं रहते। ये लॉन्चपैड आमतौर पर तब सक्रिय होते हैं जब आतंकवादियों को भारत भेजना होता है। उन्हें दो या तीन से ज्यादा ग्रुप में नहीं रखा जाता। अभी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास के इलाकों में कोई प्रशिक्षण कैंप नहीं हैं। रिपोर्ट्स में आमतौर पर बताया जाता है कि लॉन्चपैड में तैनाती होती है। यह आतंकवादियों को दूसरे इलाकों में ले जाने से पहले ट्रेनिंग का इशारा है। कुंवर ने कहा कि पहले उनके पास ऐसे इलाके होते थे, जहां जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी नीचे की तरफ और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ऊपर की तरफ सक्रिय होते थे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद उन्होंने एक मिक्स्ड ग्रुप बनाया है। ऑपरेशन के लिए बीएसएफ तैयार आईजी आनंद ने कहा कि अगर सरकार ऑपरेशन सिंदूर को फिर से शुरू करने का फैसला करती है, तो बीएसएफ उसके आदेश मानने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर हम 1965, 1971, 1999 के कारगिल युद्ध या ऑपरेशन सिंदूर की बात करें, तो बीएसएफ को सभी तरह के युद्धों का अच्छा अनुभव है। हम तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमें मौका मिलता है, तो हम मई में किए गए नुकसान से ज्यादा नुकसान करने में सक्षम हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स के अपनी पोस्ट से भागने के बारे में पूछे जाने पर आईजी ने कहा कि एक बार स्थिति सामान्य हो जाने के बाद यह जरूरी है कि सभी अपनी-अपनी पोस्ट पर लौट जाएं। सीमा पर फिर निर्माण कर रहा पाक आईजी शशांक आनंद ने सरहद पार पाकिस्तानी हलचल पर कहा कि पड़ोसी मुल्क सीमा पर ऑपरेशन सिंदूर में क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचे की मरम्मत कर रहा है। पाकस्तिान ने अब अपना बुनियादी ढांचा और बंकर दोबारा बनाने शुरू कर दिए हैं। सरहद के उस पार हम पैनी नजर बनाए हुए हैं। बीएसएफ ड्रोन वॉरफेयर को मजबूत कर रहा बीएसएफ ने कहा कि ड्रोन टेक्नोलॉजी और हवाई डाइमेंशन मॉडर्न लड़ाइयों के अहम हिस्से बन गए हैं। रूस-यूक्रेन से लेकर इजरायल-फलस्तीन तक में दिख रहे हैं कि दुश्मन कैसे एयरस्पेस का तेजी से फायदा उठा रहे हैं। भारत ने मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी ऐसी ही चाल देखी थी, जब पाकिस्तान ने सीमा पार की गतिविधियों के लिए हवाई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी। बीएसएफ ड्रोन वॉरफेयर को मजबूत कर रहा है। आईजी आनंद ने कहा कि बीएसएफ और दूसरी एजेंसियां ड्रोन की चुनौती से निपट रही हैं। हम अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि अगले साल हम और भी ज्यादा सफल होंगे।