बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और उनके परिवार को धमकी
बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जीएस पटेल और उनके परिवार को उनके एक फैसले को लेकर लगातार धमकी मिल रही है। पत्र में कहा गया है कि उनके दाह-संस्कार के लिए एक गिरोह को भुगतान किया गया है। पत्र के साथ एक चिप भेजी गई है, जिसे पुलिस ने कब्जे में लिया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जीएस पटेल और उनके परिवार को बीते दस महीने से उनके एक फैसले को लेकर लगातार धमकी दी जा रही है। पांच जून को लंदन में उनकी बेटी अदिति पटेल को एक गुमनाम पत्र भेजा गया जिसमें लिखा था कि तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के दाह-संस्कार के लिए एक गिरोह को भुगतान किया जा चुका है। घमकी भरे पत्र के साथ में एक चिप भेजी गई है जिसमें बताया गया है कि आदेश न मानने पर क्या होता है। कहा जा रहा है कि यह पत्र जर्मनी से भेजा गया था, क्योंकि उस पर जर्मन डाक टिकट लगा था, लेकिन प्रेषक के रूप में लंदन के एक फर्जी पते का इस्तेमाल किया गया। मालूम हो कि न्यायमूर्ति पटेल ने 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद पर ऐतिहासिक फैसला दिया था जिसके बाद धमकियों का सिलसिला शुरू हो गया। न्यायमूर्ति पटेल ने कहा कि मैंने इस मसले को लेकर अधिकारियों से संपर्क किया है और सभी से सहयोग मिल रहा। मैं यह भी समझता हूं कि उनका अधिकार क्षेत्र भारत तक सीमित है। यदि इसके बावजूद ऐसी घटनाएं जारी रहती हैं, तो यह व्यवस्था की विफलता होगी। एक न्यायाधीश से अपेक्षा की जाती है कि वह बिना किसी भय या पक्षपात के काम करे, लेकिन यदि न्यायाधीशों और उनके परिवारों को ऐसी धमकियों का सामना करना पड़े, तो फिर कौन न्यायाधीश बनना चाहेगा?
चिप को पुलिस ने कब्जे में लिया
पत्र के साथ भेजे गई चिप को हर्टफोर्डशायर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। परिवार ने इस कार्ड को अपने कंप्यूटर में खोलने की कोशिश नहीं की, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि इससे उनके सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है या उस पर नियंत्रण किया जा सकता है। पुलिस ने भी इसकी सामग्री का खुलासा नहीं किया है।
फैसले से पीछे हटने का तरीका बताया
परिवार को भेजे गए पत्र में न्यायाधीश अपने फैसले से पीछे हटने का तरीका भी बताया गया था। इसमें उनसे यूट्यूब वीडियो रिकॉर्ड करने, यह कहने कि उन्हें फैसला देने के लिए मजबूर किया गया था, और उस वीडियो को मीडिया तथा बॉम्बे बार काउंसिल तक पहुंचाने की मांग की गई थी।
मुख्य न्यायाधीश को दी सूचना
न्यायमूर्ति पटेल ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी लंदन स्थित भारतीय उच्चायुक्त, बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को दे दी है। उन्होंने कहा कि मैं अप्रैल 2024 से सेवानिवृत्त हूं। बॉम्बे हाईकोर्ट के किसी फैसले को यूट्यूब वीडियो के जरिए वापस नहीं लिया जा सकता।
सितंबर से शुरू हुआ सिलसिला
धमकियों का सिलसिला पिछले साल सितंबर में शुरू हुआ था। मुंबई स्थित उनके घर पर उनकी पत्नी मालाश्री पटेल को एक पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि हम दाऊदी बोहरा समुदाय के ऐसे प्रभावशाली सदस्यों का समूह हैं जो अपने समुदाय के लिए न्याय चाहते हैं। हमने एक बेहद सक्षम और खतरनाक गिरोह को नियुक्त किया है, जिसने लंदन में चेतावनी को अंजाम दिया है।
नकाबपोश ने किया था हमला
अदिति के लंदन स्थित घर में 2025 में हुई सेंधमारी की जिम्मेदारी भी इस संगठन ने ही ली थी। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 को जब अदिति अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रही थीं, तब एक नकाबपोश व्यक्ति ने पीछे से उन पर हमला किया। इस हमले में उनकी नाक टूट गई और वे सड़क पर खून से लथपथ हो गईं।
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