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 अस्पताल लाइव: टुकड़ों में बंटे दो शवों की अभी भी नहीं हो सकी शिनाख्त

अस्पताल लाइव: टुकड़ों में बंटे दो शवों की अभी भी नहीं हो सकी शिनाख्त

संक्षेप:

- एक शव को गत्ते के बॉक्स में तो दूसरे को गठरी में बांधकर डीप फ्रीजर में रखा गया नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। लालकिले के पास कार में हुए धमाके में मारे गए 10 में से 8 लोगों की पहचान हो चुकी है, लेकिन...

Nov 12, 2025 06:18 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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लालकिले के पास कार में हुए धमाके में मारे गए 10 में से 8 लोगों की पहचान हो चुकी है, लेकिन टुकड़ों में बंटे दो शवों की शिनाख्त बुधवार को भी नहीं हो पाई है। इन शवों को एलएनजेपी अस्पताल की मोर्चरी में डीप फ्रीजर में रखा गया है। हालांकि कई ऐसे लोग भी मोर्चरी में शवों को देखने पहुंचे, जिनके अपने लोग गुम है। हालांकि शवों को देखने के बाद उन्होंने भी शव को पहचानने से इनकार कर दिया। ऐसे में अब इनकी डीएनए रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। एलएनजेपी अस्पताल की मोर्चरी में कुल 10 शवों को लाया गया था, इनमें से मंगलवार देर रात तक आठ लोगों की पहचान हो गई थी।

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पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने इन शवों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर एंबुलेंस का इंतजाम किया और उनके घरों तक पहुंचाया। मोर्चरी में अब दो शव बचे हैं जिनकी शिनाख्त कर पाना मुश्किल हो रहा है। मोर्चरी स्टाफ का कहना है कि ये दोनों शव कई-कई टुकड़ों में बंटे हुए हैं। हालत इतनी खराब है कि एक शव के अंगों को समेटकर गत्ते के बॉक्स में रखा गया है और दूसरे शव को कपड़े में गठरी की तरह समेटकर रखना पड़ा है। इन शवों की पहचान अब या तो कपड़ों से हो सकती है या फिर डीएनए जांच से शिनाख्त हो पाना संभव है। ----- गुमशुदा लोगों के परिजन भी अपनों को तलाशने पहुंच रहे मोर्चरी में मोर्चरी में रखे इन दो शवों को देखने के लिए ऐसे लोग भी पहुंच रहे हैं जिनके परिवार का सदस्य बीते कुछ दिनों से गुम है। उन्हें अंदेशा है कि कहीं हादसे में उनके अपने की भी जान न चली गई हो। मोर्चरी स्टाफ का कहना है कि बुधवार सुबह एक व्यक्ति शव को देखने पहुंचा। उसने बताया कि उसका भाई गुम है। उसके हाथ पर वीके गुदा हुआ है। हालांकि शव के हाथ पर ऐसा कोई नाम न लिखा होने की वजह से उसने शव की शिनाख्त नहीं की। वह कपड़ों से भी पहचान नहीं कर सका। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति मोर्चरी पहुंचा। उसने बताया कि उनके परिवार की एक महिला लापता है, उसने शव देखने की इच्छा जताई। हालांकि मोर्चरी में किसी महिला का शव न होने की जानकारी मिलने पर वह लौट गया।