
सोमनाथ मंदिर को लेकर भाजपा ने फिर साधा पंडित नेहरू पर निशाना
सोमनाथ मंदिर को लेकर भाजपा ने फिर साधा पंडित नेहरू पर निशाना-------------------------नेहरू अपनी तुष्टीकरण की राजनीति के कारण सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं चाहते थे - सुधांशु...
सोमनाथ मंदिर को लेकर भाजपा ने फिर साधा पंडित नेहरू पर निशाना------------------------ -नेहरू अपनी तुष्टीकरण की राजनीति के कारण सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं चाहते थे - सुधांशु त्रिवेदी ----------------------------------- नईदिल्ली। विशेष संवाददाता सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर भाजपा ने एक बार फिर तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह अपनी तुष्टीकरण की अंधी राजनीति के कारण स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं चाहते थे। भाजपा प्रवक्ता डा सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि सोमनाथ मंदिर को अतीत में महमूद गजनी और अलाउद्दीन खिलजी ने लूटा था,लेकिन स्वतंत्र भारत में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भगवान सोमनाथ से सबसे अधिक नफरत थी।
सुधांशु त्रिवेदी ने एक्स पर सिलसिलेवार पोस्ट कर आरोप लगाया कि नेहरू अपनी तुष्टीकरण की राजनीति के लिए मुगल आक्रांताओं का महिमामंडन करने से भी परहेज नहीं किया। उन्होंने प्रथम प्रधानमंत्री के पत्रों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि नेहरू ने पाकिस्तानी दुष्प्रचार का सामना करने या भारत की सभ्यतागत स्मृति का बचाव करने के बजाय, हिंदू धर्म के ऐतिहासिक प्रतीकों को कम महत्व देकर पाकिस्तान को खुश करने का विकल्प चुना और आंतरिक आत्मविश्वास के बजाय बाहरी तुष्टीकरण को प्राथमिकता दी। उन्होंने पंडित नेहरू द्वारा 21 अप्रैल 1951 को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली खान को लिखे पत्र का उल्लेख करते हुए कहा है नेहरू ने खान को प्रिय नवाबजादा कहकर संबोधित किया और सोमनाथ मंदिर के दरवाजों की कहानी को पूरी तरह से झूठा बताया। उन्होंने कहा लियाकत अली खान के सामने आत्मसमर्पण करते हुए लिखा कि सोमनाथ मंदिर के निर्माण जैसा कुछ भी नहीं हो रहा। त्रिवेदी ने पूछा आखिर पंडित नेहरू को लियाकत अली खान से ऐसा क्या डर था कि उन्हें सोमनाथ मंदिर के बारे में पत्र लिखना पड़ा? सुधांशु त्रिवेदी नेआरोप लगाया कि पंडित नेहरू ने भारतीय दूतावासों को पत्र लिख कर सोमनाथ ट्रस्ट को किसी भी तरह की मदद देने से साफ मना कर दिया, जिसमें अभिषेक समारोह के लिए नदी से पानी के अनुरोध भी शामिल थे। पाकिस्तान में भारत के राजदूत को लिखे पत्र में पंडित नेहरू ने कहा कि सोमनाथ मंदिर में अभिषेक के लिए सिंधु नदी के पानी के इस्तेमाल को औपचारिक रूप से मंजूरी देने से मना कर दिया, विदेश सचिव के ज़रिए यह बताया कि इस अनुरोध को उनकी मंज़ूरी नहीं है, साथ ही यह आदेश भी दिया कि भविष्य में ऐसे किसी भी अनुरोध से पहले से मंजूरी ली जानी चाहिए। ----------------------------

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