Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsBJP Targets Congress and TMC Leaders in West Bengal Elections
बंगाल में भाजपा की नजर कांग्रेस-तृणमूल के नाराज नेताओं पर

बंगाल में भाजपा की नजर कांग्रेस-तृणमूल के नाराज नेताओं पर

संक्षेप: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा खुद की तैयारी के साथ-साथ कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अधीर रंजन चौधरी भाजपा नेताओं से संपर्क में हैं। तृणमूल कांग्रेस में नाराज नेताओं को भी भाजपा अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है।

Mon, 10 Nov 2025 08:36 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा जहां खुद की जमीनी तैयारी में जुटी है, वहीं कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस में सेंध लगाने की कोशिश भी कर रही है। कांग्रेस में नाराज चल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री अधीर रंजन चौधरी के साथ भाजपा नेता संपर्क में हैं। दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस में हुमायूं कबीर जैसे नेताओं की बगावत को भी हवा दी जा रही है। पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस में लगभग सीधे मुकाबले के बावजूद भाजपा के लिए बहुमत के आकंड़े तक पहुंचना बेहद मुश्किल काम है। इसकी एक वजह भाजपा का राज्य में व्यापक विस्तार और स्थानीय बड़े नेताओं की कमी है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

इसके लिए पार्टी में पूर्व में भी दूसरे दलों से कई नेता आए हैं, लेकिन इतने बड़े राज्य में हर क्षेत्र में जड़े जमाने के लिए उसे और प्रभावी नेताओं की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने एक बार फिर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी से संपर्क साधा है। दरअसल, पिछला लोकसभा चुनाव हारने और कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने के बाद चौधरी पार्टी में नाराज चल रहे हैं। हाल में कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनावों में अधीर रंजन को कुछ जिम्मेदारी सौंपी थी। इस दौरान उनका भाजपा नेताओं से भी संपर्क व संवाद हुआ है। इसके पहले पिछले लोकसभा चुनावों से पहले भी चौधरी व भाजपा नेताओं में बात हुई थी, लेकिन तब बात नहीं बनी थी। सूत्रों का कहना है कि अब चौधरी खुद भी भाजपा नेताओं से संपर्क कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी के धुर विरोधी माने जाने वाले चौधरी पिछला लोकसभा चुनाव बहरामपुर से हार गए थे। तब ममता बनर्जी ने यूसूफ पठान को खड़ा किया था, जिनको जीत मिली थी। चौधरी का इस क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है और अगर वह भाजपा के साथ आते हैं तो भाजपा के लिए यह लाभ की स्थिति बनेगी। प्रदेश भाजपा के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी हाल में चौधरी की तारीफ की थी। भाजपा की नजर तृणमूल कांग्रेस के नाराज नेताओं पर भी है। इनमें हुमांयू कबीर जैसे नेता शामिल है। वह भी ममता बनर्जी से नाराज चल रहे है। हालांकि, कबीर के भाजपा के साथ आने की संभावना कम है, लेकिन वह तृणमूल से अलग होकर होकर राजनीति करते हैं तो भी भाजपा के लिए लाभ की स्थिति बनेगी। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस समय ममता बनर्जी के खिलाफ सत्ता विरोधी माहौल बहुत ज्यादा है और उसे विभिन्न क्षेत्रों में इस माहौल को भुनाने वाले नेताओं की जरूरत है ताकि वह खुद को मजबूत स्थिति में ला सके।