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वंशवाद लोकतंत्र के लिए खतरा: शशि थरूर

वंशवाद लोकतंत्र के लिए खतरा: शशि थरूर

संक्षेप:

- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने लेख के जरिये की टिप्पणी - कहा, योग्यता

Mon, 3 Nov 2025 09:12 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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- भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार चुनाव के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। एक लेख में थरूर ने वंशवादी राजनीति को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत वंशवाद की जगह योग्यता को अपनाए। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन 'प्रोजेक्ट सिंडिकेट' के लिए तिरुवनंतपुरम के सांसद थरूर ने लेख लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार कांग्रेस से जुड़ा है, लेकिन राजनीतिक परिदृश्य में वंशवाद का बोलबाला है। वहीं इस लेख के जरिये भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि थरूर अब खतरों के खिलाड़ी बन गए हैं और अब तक पता नहीं उनका क्या अंजाम होगा।

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थरूर का यह बयान भारत-पाकिस्तान संघर्ष और पहलगाम हमले के बाद राजनयिक प्रयासों पर उनकी टिप्पणियों को लेकर उठे विवाद के कुछ सप्ताह बाद आया है। थरूर ने कहा कि जब राजनीतिक सत्ता का निर्धारण योग्यता, प्रतिबद्धता या जमीनी स्तर पर जुड़ाव के बजाय वंशवाद से होता है, तो शासन की गुणवत्ता प्रभावित होती है। 'इंडियन पॉलिटिक्स आर ए फेमिली बिजनेस' शीर्षक वाले लेख में सांसद थरूर ने कहा कि दशकों से एक परिवार भारतीय राजनीति पर हावी रहा है और नेहरू-गांधी परिवार का प्रभाव भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह विचार पुख्ता हुआ है कि राजनीतिक नेतृत्व एक जन्मसिद्ध अधिकार हो सकता है। यह विचार भारतीय राजनीति में हर पार्टी, हर क्षेत्र और हर स्तर पर व्याप्त है। कई नेताओं के नाम का दिया उदाहरण अपने लेख में थरूर ने वंशवाद से जुड़े कई पार्टियों के नेताओं के नाम का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा, बीजू पटनायक के निधन के बाद उनके बेटे नवीन ने अपने पिता की खाली लोकसभा सीट जीती। इसी तरह महाराष्ट्र में शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने यह पद अपने बेटे उद्धव को सौंप दिया और अब उद्धव के बेटे आदित्य भी प्रतीक्षारत हैं। यही बात समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव पर भी लागू होती है, जो उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं और जिनके बेटे अखिलेश यादव बाद में उसी पद पर रहे। अखिलेश अब सांसद और पार्टी के अध्यक्ष हैं। बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान के बाद उनके बेटे चिराग पासवान ने पार्टी की कमान संभाली। उन्होंने जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, पंजाब और तमिलनाडु में भी वंशवादी राजनीति की मिसालें दीं। भाजपा लेख के जरिये हमलावर लेख को लेकर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर पोस्ट किया, भारतीय राजनीति एक पारिवारिक व्यवसाय कैसे बन गई है, इस पर डॉ. शशि थरूर द्वारा लिखित बहुत ही ज्ञानवर्धक लेख है। इसमें उन्होंने देश में मौजूद वंशवाद राजनीति का सच बताया है। आश्चर्य है कि इतनी स्पष्टता से बोलने के लिए डॉ. थरूर का क्या अंजाम होगा। पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण आप चुनाव लड़ने से रोक नहीं सकते:राशिद अल्वी कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि एक लोकतंत्र में लोग ही यह तय करते हैं कि किसे सत्ता के लिए वोट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी को भी सिर्फ उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता, क्योंकि ऐसे पैटर्न विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद हैं। अल्वी ने ये टिप्पणियां कांग्रेस सांसद शशि थरूर के लेख के जवाब में कीं। अल्वी ने कहा, लोकतंत्र में जनता निर्णय लेती है। आप ऐसी कोई रोक नहीं लगा सकते कि आप चुनाव नहीं लड़ सकते, क्योंकि आपके पिता एक सांसद थे। यह हर क्षेत्र में हो रहा है। इसके लिए आप कौन सा रास्ता निकालेंगे।