
भारत के आंतरिक मामलों में दूसरों का दखल बर्दाश्त नहीं: भाजपा
नई दिल्ली, भाजपा ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर पलटवार किया है जिन्होंने दिल्ली दंगे में गिरफ्तार उमर खालिद को चिट्ठी लिखी थी। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि ममदानी भारत के आंतरिक मामलों में दखल दे रहे हैं, जिसे भारत बर्दाश्त नहीं करेगा। विश्व हिंदु परिषद ने भी ममदानी की आलोचना की है।
नई दिल्ली, एजेंसी। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा दिल्ली दंगे में गिरफ्तार उमर खालिद को चिट्ठी लिखने पर भाजपा ने ममदानी पर पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने शुक्रवार को चेतावनी देते हुए कहा कि न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी भारत के आंतरिक मामलों में दखल दे रहे हैं। भारत इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि भारत के लोगों को न्यायपालिका में पूरा विश्वास है। कोई बाहरी व्यक्ति भारत के आंतरिक मामलों पर बोलता है तो उसे किसी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। विश्व हिंदु परिषद (विहिप) ने भी ममदानी की कड़ी आलोचना की है।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि ममदानी भारत विरोधी बात करने वालों का साथ देकर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। विनोद बंसल ने उन अमेरिकी सांसदों की भी आलोचना की है जिन्होंने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर खालिद को जमानत देने का आग्रह किया है। उन्होंने दावा किया कि वे दोषियों के समर्थन में सामने आते हैं, लेकिन जब अमेरिका में हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हमले होते हैं तो चुप रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर भी अमेरिकी सांसदों ने चुप्पी साध रखी है। मालूम हो कि फरवरी 2020 के दिल्ली दंगा मामले में मुख्य साजिशकर्ता होने के आरोप में खालिद और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस दंगे में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। ममदानी ने खालिद को लिखा, हम आपके बारे में सोच रहे न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी ने गुरुवार देर रात दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद को चिट्ठी लिखी। अपने संदेश में उन्होंने कहा, हम सब आपके बारे में सोच रहे हैं। ममदानी की इस चिट्ठी को खालिद की सहयोगी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। खालिद को लिखी ममदानी की चिट्ठी की तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा था, जब जेल लोगों को अलग-थलग करने की कोशिश करती हैं तो आपके शब्द ताकत बनकर फैल जाते हैं। हाथ से लिखी चिट्ठी पर ममदानी के दस्तखत भी हैं। उन्होंने लिखा है, प्रिय उमर, मैं अक्सर आपके उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की बात थी। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब आपके बारे में ही सोच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर खालिद के लिए जमानत और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार निष्पक्ष एवं समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। अमेरिकी नेता जिम मैकगवर्न और जेमी रास्किन उन आठ सांसदों में शामिल हैं।

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