पंजाब में भाजपा ने अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू की
पंजाब में भाजपा ने अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू की--------------------------पश्चिम बंगाल की तरह सत्ता विरोधी माहौल को भुनाने की कोशिश -हिंदू व सिख के साथ सभी सामाजिक समीकरण साधेगी...

पंजाब में भाजपा ने अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू की -------------------------
-पश्चिम बंगाल की तरह सत्ता विरोधी माहौल को भुनाने की कोशिश
-हिंदू व सिख के साथ सभी सामाजिक समीकरण साधेगी पार्टी
-राज्य में चुनाव के पहले हो सकते हैं कुछ राजनीतिक उलटफेर
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नईदिल्ली। विशेष संवाददाता
भाजपा की चुनावी तैयारी
पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के बाद भाजपा का अगला बड़ा लक्ष्य पंजाब है, जहां उसकी अपनी सरकार कभी नहीं रही है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और उसके लिए राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है। पार्टी सभी 117 सीटों पर बिना किसी गठबंधन के चुनाव लड़ने की तैयारी में है। उसने संकेत दिए हैं वहां पर सत्तारूढ़ दल के खिलाफ जो असंतोष है उससे चुनाव के पहले कुछ राजनीतिक उलटफेर हो सकते हैं।
सामाजिक समीकरण
पंजाब में हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा भले ही बड़ी जीत हासिल नहीं कर पाई हो, लेकिन इससे उसे अपनी जमीनी तैयारी के लिए काफी बड़ा फीडबैक मिला है, जिसके आधार पर वह तैयारी कर रही है। राज्य में अधिकांश मौकों पर शिरोमणि अकाली दल के गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली भाजपा सामाजिक समीकरणों में राज्य के गैर सिख समुदाय और शहरी क्षेत्रों तक सीमित रही थी, जबकि अकाली दल सिख समुदाय व ग्रामीण क्षेत्रों को वरीयता पर रखता रहा था। ऐसे में भाजपा को अब सिख समुदाय में अपनी पैठ बढ़ाने में जुटी है।
भविष्य की रणनीति
भावी रणनीति के तहत ही भाजपा ने हाल में सिख नेता केवल सिंह ढिल्लो को पार्टी अध्यक्ष बनाया है। केंद्र सरकार में मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी राज्य में पूरा समय देने को कहा गया है, वह विधानसभा चुनाव भी लड़ेंगे। परंपरागत समर्थक हिंदू समुदाय को साधने के लिए अपने वरिष्ठ नेता तरुण चुग को मध्य प्रदेश से राज्यसभा में लाया गया है। भाजपा में कांग्रेस से कैप्टन अमरिंदर सिंह कई प्रमुख नेता पहले ही आ चुके थे और हाल में आम आदमी पार्टी से भी राघव चढ्ढा समेत कई नेता जुड़े हैं।
जनता का विकल्प
भाजपा के एक प्रमुख नेता ने कहा है कि राज्य में सरकार विरोधी माहौल चरम पर है। ऐसे में जनता विकल्प की तलाश कर रही है। कांग्रेस व अकाली दल को जनता पहले ही नकार चुकी है। अब आम आदमी पार्टी को भी वह परख चुकी है। ऐसे में जनता के सामने भाजपा ही एकमात्र विकल्प है। इस नेता ने कहा भाजपा ने जिस तरह से पश्चिम बंगाल में जनता का भरोसा जीता उसी तरह वह पंजाब भी जीतेगी। वह वहां पर पूरी ताकत से लड़ेगी।
पंजाब में 117 विधानसभा सीटें हैं। पिछले चुनाव में वहां पर आम आदमी पार्टी ने 92, कांग्रेस ने 18, शिरोमणि अकाली दल ने तीन, भाजपा ने दो व बसपा ने एक सीट जीती थी। एक सीट निर्दलीय को मिली थी।
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