खेल....भुवनेश्वर जैसा नई गेंद का ‘जादूगर’ कहां से लाएगी टीम इंडिया?

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार आईपीएल में अपनी पुरानी कला से नई कहानी लिख रहे हैं। वह 26 विकेट के साथ पर्पल कैप की दौड़ में हैं। उनकी पावरप्ले में इकोनॉमी 7.03 रही है, जो उन्हें अन्य भारतीय गेंदबाजों से अलग बनाती है। टीम इंडिया को अगले दो साल में नई गेंद से उनके कौशल की जरूरत पर विचार करना होगा।

खेल....भुवनेश्वर जैसा नई गेंद का ‘जादूगर’ कहां से लाएगी टीम इंडिया?

विश्लेषण नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। आईपीएल में जहां बल्लेबाजों की ताकत और तेज रफ्तार गेंदबाजों का शोर सबसे ज्यादा सुनाई देता है। वहां 36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार अपनी पुरानी कला से अलग ही कहानी लिख रहे हैं। यह सिर्फ विकेटों की कहानी नहीं, बल्कि नई गेंद से मैच पर नियंत्रण की पटकथा है। यही वजह है कि उनका मौजूदा सत्र टीम इंडिया के लिए भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है-क्या भारत के पास अभी भुवनेश्वर जैसा पावरप्ले विशेषज्ञ मौजूद है?

भुवनेश्वर की स्थिति

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेल रहे भुवनेश्वर इस समय 26 विकेट के साथ पर्पल कैप की दौड़ में सबसे आगे हैं। उनका औसत 18.15 और इकोनॉमी 8.00 है, जो 15 से ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में सर्वश्रेष्ठ है लेकिन उनकी असली ताकत पावरप्ले में दिखी है। उन्होंने शुरुआती छह ओवरों में 192 गेंद फेंककर 16 विकेट लिए हैं और इकोनॉमी सिर्फ 7.03 रही है। उनके द्वारा फेंकी गई गेंदों में से आधी से ज्यादा (100 गेंदें) ‘डॉट गेंदें’ थीं। उनसे ज्यादा विकेट केवल कगिसो रबाडा (18) ने लिए, लेकिन उनकी इकोनॉमी 9.52 है।

भुवनेश्वर की गेंदबाजी की विशेषता

विराट कोहली के शब्दों में कहें तो भुवी का यह जादू लहराती गेंदों (बनाना स्विंग) से नहीं, बल्कि उनकी बेहद अनुशासित लेंथ गेंदबाजी से आया है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उनका स्पैल (3 ओवर, 3 विकेट, 5 रन और 15 डॉट गेंदें) इस बात का जीवंत प्रमाण है कि वह आज भी नई गेंद के कहीं बेहतर गेंदबाज हैं। अगर उनके टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर के आंकड़ों को देखें, तो कम से कम 30 विकेट लेने वाले गेंदबाजों में दुनिया के किसी भी गेंदबाज की पावरप्ले इकोनॉमी भुवनेश्वर (5.73) से बेहतर नहीं है। वह इस सूची में एंजेलो मैथ्यूज (6.17) और जसप्रीत बुमराह (6.25) से भी ऊपर शीर्ष पर काबिज हैं।

अन्य गेंदबाजों की तुलना

वहीं, आईपीएल 2026 में अर्शदीप सिंह जहां पावरप्ले में 9.29 की इकॉनमी से बेहद महंगे साबित हुए हैं, वहीं प्रिंस यादव (8.68) और अंशुल काम्बोज (10.30) जैसे उभरते सितारे अभी सीख रहे हैं। जसप्रीत बुमराह भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज जरूर हैं, लेकिन टीम उन्हें केवल पावरप्ले में बांधकर नहीं रख सकती, उनका इस्तेमाल मध्य और अंतिम ओवरों में अधिक होता है।

भुवनेश्वर का प्रभाव

भुवनेश्वर की खासियत सिर्फ विकेट लेना नहीं, बल्कि बल्लेबाजों को लगातार असहज बनाए रखना है। इस सत्र में उनकी 354 गेंदों में से 168 गुड लेंथ पर रही हैं, जिनसे 13 विकेट निकले और इकोनॉमी सिर्फ 7.46 रही। इन्हीं गेंदों पर उन्होंने 29 एज और 12 ‘प्ले-एंड-मिस’ हासिल किए। यानी हर 4.1 गेंद पर बल्लेबाज गलती करने को मजबूर हुआ। यही वह क्षेत्र है जहां भुवी आज भी बाकी भारतीय तेज गेंदबाजों से अलग नजर आते हैं।

टीम इंडिया के लिए असली सवाल 2028 टी-20 विश्व कप नहीं, बल्कि अगले दो साल हैं। भारत को यह तय करना होगा कि क्या नई गेंद से नियंत्रण और विकेट दिलाने वाले इस कौशल की अभी भी जरूरत है। मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि भुवनेश्वर सिर्फ अतीत का नाम नहीं, बल्कि आज भी नई गेंद के सबसे भरोसेमंद भारतीय विशेषज्ञों में शामिल हैं।

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प्रभाव : भुवी बनाम अन्य भारतीय

मौजूदा भारतीय टी-20 सेटअप और युवाओं से अगर भुवी के आईपीएल 2026 के पावरप्ले आंकड़ों की तुलना करें तो अंतर साफ नजर आता है।

गेंदबाज विकेट इकॉनमी डॉट गेंदें

भुवनेश्वर 16 7.03 100

मो. सिराज 13 7.78 128

मो. शमी 9 7.67 100

अर्शदीप सिंह 7 9.29 70

प्रिंस यादव 7 8.68 51

सामान्य प्रश्न

भुवनेश्वर कुमार की पावरप्ले में इकोनॉमी क्या है?
भुवनेश्वर कुमार की पावरप्ले में इकोनॉमी 7.03 है।
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