खेल : विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर बोर्ड का हस्तक्षेप नहीं
विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर बोर्ड का हस्तक्षेप नहीं आईपीएल धर्मशाला, एजेंसी। भारतीय

विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर बोर्ड का हस्तक्षेप नहीं आईपीएल
धर्मशाला, एजेंसी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) विदेशी खिलाड़ियों और आईपीएल में उनकी टीम के बीच उनकी उपलब्धता को लेकर कोई मध्यस्थता नहीं करेगा। बोर्ड ने उन विदेशी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है जो नीलामी में खरीदे جانے के बाद टूर्नामेंट से हट जाते हैं। हालांकि आईपीएल में खिलाड़ियों की उपलब्धता अब भी मुद्दा बनी हुई है।
टीम की संरक्षकता
टीम ही संरक्षक : एक सूत्र ने जोफ्रा आर्चर के मामले का जिक्र करते हुए कहा, टीम ही खिलाड़ियों की सरंक्षक हैं। हम इसे उन पर ही छोड़ते हैं और खिलाड़ियों के साथ उनकी समझ कैसी है। कुछ खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के साथ खेलने के बजाय आईपीएल को चुनते हैं और कुछ इसके विपरीत करते हैं। हमारे नियम स्पष्ट हैं, जब तक कि कोई चोट नहीं हो (दो साल का प्रतिबंध)।
आर्चर की उपलब्धता
आर्चर राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड चाहता था कि वह अपने कार्यभार को प्रबंधित करें लेकिन इसके बावजूद वह पूरे टूर्नामेंट के लिए उपलब्ध रहे।
खिलाड़ियों के निर्णय
आपस में सुलझाएं : जोश हेजलवुड, पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क जैसे खिलाड़ी मामूली चोटों के कारण टूर्नामेंट के शुरुआती हिस्से में उपलब्ध नहीं थे। स्टार्क की अनुपस्थिति का दिल्ली कैपिटल्स पर बुरा असर पड़ा। सीआई का मानना है कि इस विवादित मुद्दे को खिलाड़ी और उनकी फ्रेंचाइजी के बीच ही सुलझाया जाना चाहिए।
फ्रेंचाइजी की भूमिकाएँ
सूत्र ने कहा, जहां तक सैम करन की बात है, फ्रेंचाइजी को पता होगा कि अगले सत्र के लिए क्या करना है। कई खिलाड़ी एक सत्र में भारी रकम कमाते हैं और अगले सत्र में कहीं नजर नहीं आते। साथ ही कुछ फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों को उनके अनुबंध से कहीं ज्यादा भुगतान करती हैं। खिलाड़ियों को मैच फीस (प्रति मैच साढ़े सात लाख रुपये) भी मिलती है और टूर्नामेंट के दौरान अतिरिक्त प्रायोजन भी मिलता है।
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