बैंकिंग संकट का बाजार पर रहेगा असर
नई दिल्ली, एजेंसी। डेरिवेटिव अनुबंधों के मासिक निपटान के बीच कम कारोबारी सत्रों वाले...

नई दिल्ली, एजेंसी। डेरिवेटिव अनुबंधों के मासिक निपटान के बीच कम कारोबारी सत्रों वाले सप्ताह में स्थानीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रह सकता है। विश्लेषकों ने यह आशंका जताते हुए कहा है कि वैश्विक कारक और विदेशी कोषों की गतिविधियां भी बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगी।
कच्चे तेल की कीमत और रुपये का उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। 'रामनवमी' पर बृहस्पतिवार को बाजार में अवकाश रहेगा।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लि. के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, मार्च के वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) के निपटान से स्थानीय स्तर पर उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बैंकों की स्थिति से वैश्विक स्तर पर बाजार की दिशा तय होगी।
उन्होंने कहा, बाजार की निगाह भू-राजनीतिक स्थिति पर भी रहेगी, क्योंकि रूस और यूक्रेन के बीच तनाव जारी है। इसके अलावा अमेरिका और सीरिया के बीच तनाव बढ़ रहा है। हालांकि, बाजार इसको ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहा है। हाल के महीनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की आक्रामक बिकवाली की वजह से संस्थागत प्रवाह भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 462.8 अंक यानी 0.79 प्रतिशत टूट गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 155 अंक यानी 0.90 प्रतिशत नीचे आया।


