बांग्लादेश में विद्रोह का बिगुल फूंकने वालों को जनता ने नकारा
विकल्प हेडिंग हसीना की सरकार गिराने वाले भी मुंह के बल गिरे -

ढाका, एजेंसी। बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिराने वाले छात्रों की पार्टी एनसीपी को आम चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। उम्मीद के अनुरूप पार्टी चुनाव में कमाल नहीं कर पाई। एनसीपी छह सीटों पर ही सिमट कर रह गई। पार्टी के सबसे बड़े चेहरे नाहिद इस्लाम ढाका-11 सीट से जीत गए हैं। एनसीपी(नेशनल सिटीजन पार्टी) ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन छह सीट ही जीतने में कामयाब हो पाई। पार्टी की हार की कई वजह हैं। अगस्त, 2024 में हुए छात्र आंदोलन का असर गत डेढ़ साल में काफी कम रह गया है। शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन करने वाले कई छात्र नेताओं ने पार्टी छोड़ दी।
एनसीपी ने जमात के साथ गठबंधन किया तो पार्टी के अंदर ही मतभेद हो गए। एनसीपी कुछ महीने पहले बनी पार्टी है। उनके पास सरकार विरोधी आंदोलन में शामिल रहे छात्र तो थे, लेकिन वोट डलवाने वाली चुनावी मशीनरी नहीं थी। अवामी लीग के खिलाफ लोगों के पास दो ही विकल्प थे, बीएनपी या एनसीपी। लोगों ने नई पार्टी की बजाय अनुभव को चुना। उन्हें लगा कि देश चलाने के लिए पुरानी पार्टी छात्रों से बेहतर विकल्प है।

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