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बांग्लादेश में हादी की हत्या के बाद हिंसा

बांग्लादेश में हादी की हत्या के बाद हिंसा

संक्षेप:

संदेश::: दो बॉक्स जोड़े गए हैं। -------------------- - प्रदर्शनकारियों ने जमकर

Dec 19, 2025 10:07 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ढाका/नई दिल्ली, एजेंसी। बांग्लादेश में इंकलाब मंच आंदोलन के एक प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद आक्रोशित लोगों की भीड़ ने गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक कई शहरों में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान समाचार पत्र के दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की। साथ ही भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर भारत विरोधी नारे लगाए। इस बीच, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शुक्रवार को देश के लोगों से हिंसक प्रदर्शनों से दूरी बनाने की अपील की है। बांग्लादेश में पिछले वर्ष जुलाई में हुए विद्रोह के प्रमुख नेताओं में से एक हादी की गुरुवार रात सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई।

ढाका के बिजोयनगर इलाके में 12 दिसंबर को एक चुनावी अभियान में हुए हमले में उसके सिर में गोली लगी थी। उसकी मौत की खबर फैलते ही समर्थक और कट्टरपंथी छात्र सड़कों पर उतर आए। उन्होंने आगजनी, तोड़फोड़ और लक्षित हमले शुरू कर दिए। गुस्साई भीड़ ने खुलना और चट्टोग्राम में भारतीय सहायक उच्चायुक्त पर हमला करने की कोशिश की। चट्टोग्राम में प्रदर्शनकारी भारतीय उच्चायुक्त इमारत की ओर बढ़े और जाकिर हुसैन रोड पर पुलिस बैरिकेड्स तोड़ दिए और परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए और नारे लगाने लगे। इस बीच पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने सहायक उच्चायुक्त की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। ये घटनाएं मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस द्वारा टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए हादी की मौत की पुष्टि करने के बाद हुईं। हिंसा के मद्देनजर संवेदनशील जगहों पर पुलिस और सेना के जवानों को तैनात कर दिया है। शेख मुजीबुर्रहमान के घर को गिरा दिया ढाका में प्रदर्शनकारी बुलडोजर लेकर आए और धनमंडी 32 में बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान के ऐतिहासिक घर के बचे हुए हिस्से को गिरा दिया। मुजीबुर्रहमान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता है। फरवरी, 2024 में और फिर अगस्त, 2024 में इस घर पर दो बार हमला हुआ था।अवामी लीग के कई नेताओं के दफ्तरों और घरों पर भी हमला किया गया या आग लगा दी गई, जिसमें चश्मा हिल में पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल का घर और उत्तरा में पूर्व ढाका-18 अवामी लीग सांसद हबीब हसन के भाई का घर शामिल है। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग का कार्यालय भी जला दिया। युनूस ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की अपने संबोधन में युनूस ने हादी की निर्मम हत्या में शामिल लोगों को शीघ्र न्याय के कटघरे में लाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि हत्यारों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं सभी नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करता हूं। मुख्य सलाहकार ने शनिवार को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया। उन्होंने कहा कि कोई भी इस देश की लोकतांत्रिक प्रगति को धमकी, आतंकवादी गतिविधियों या रक्तपात के जरिए नहीं रोक सकता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हादी के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी पूरे राष्ट्र के कंधों पर है। सिंगापुर से ढाका लाया हादी का शव उस्मान हादी का शव सिंगापुर से ढाका लाया गया है। हादी को पिछले हफ्ते अज्ञात बंदूकधारियों ने सिर में गोली मार दी थी और छह दिनों के बाद गुरुवार देर रात सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादी के शव को नजरुल इस्लाम की समाधि के पास दफनाया जाएगा। यह जानकारी ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन की मुक्ति संग्राम और लोकतांत्रिक आंदोलन सचिव फातिमा तसनीम जुमा ने दी। ------------------------------------------------------------------------ आक्रोशित भीड़ ने समाचार पत्रों के दफ्तरों को फूंका - 20 पत्रकार और स्टाफ कार्यालय की छत पर फंसे - छत पर भी सांस लेना मुश्किल में दिक्कत हो रही थी ढाका, एजेंसी। बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा में सबसे ज्यादा नुकसान समाचार पत्र के दफ्तरों में हुआ। आक्रोशित लोगों की भीड़ ने 'द डेली स्टार' और 'प्रोथोम आलो' के दफ्तरों में आग लगा दी और 20 पत्रकार और स्टाफ दफ्तर की छत पर फंस गए। इस दौरान धुएं की वजह से उनको सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। बाद में किसी तरह आग पर काबू पा लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने ढाका के कारवां बाजार इलाके में समाचार पत्र द डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। प्रोथोम आलो बिल्डिंग की कई मंजिलों में तोड़फोड़ की, फर्नीचर, दस्तावेज और उपकरण सड़कों पर फेंक दिए और फिर उनमें आग लगा दी। द डेली स्टार के दफ्तर में स्थिति गंभीर हो गई। वहां कम से कम 20 पत्रकार और स्टाफ सदस्य घने धुएं के बीच छत पर फंस गए और आग तेजी से इमारत में फैल रही थी। लोग बचने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। अपने सहयोगियों के साथ फंसे उप संपादक सुब्रत रॉय ने बताया कि अंदर बहुत धुआं है। छत पर भी सांस लेना मुश्किल हो रहा है। एक अन्य रिपोर्टर अब्दुल्ला एमडी अब्बास ने सोशल मीडिया पर अपील करते हुए कहा कि मेरे सभी सहयोगी छत पर हैं। वे सांस नहीं ले पा रहे हैं। कृपया हमारे लिए प्रार्थना करें। अग्निशमन कर्मियों को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी और उग्र भीड़ को काबू करने के लिए सेना को तैनात किया गया। तेजगांव स्टेशन की दमकम इकाई ने आखिरकार रात करीब 1:40 बजे आग पर काबू पाया। बाद में सेना के जवानों ने इलाके को सुरक्षित करने और बचाव अभियान में मदद की। एडिटर्स काउंसिल ने घटना की कड़ी निंदा की एडिटर्स काउंसिल और बांग्लादेश न्यूजपेपर ओनर्स एसोसिएशन ने देश के प्रमुख दैनिक अखबारों के दफ्तरों पर हुए हमलों, तोड़फोड़ और आगजनी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। साथ ही इसकी कड़ी निंदा की है। शुक्रवार को जारी एक संयुक्त बयान में दोनों संगठनों ने कहा कि ये हमले सिर्फ मीडिया पर ही नहीं, बल्कि समाज, लोकतांत्रिक मूल्यों और पूरे बांग्लादेश पर हमला हैं। संगठनों ने कहा कि ये घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था की स्थिति में गंभीर गिरावट को दर्शाती हैं, बल्कि अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सरकार की विफलता को भी उजागर करती हैं।

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