बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी को बढ़त
- 50 सीटों पर बीएनपी आगे - 18 सीटों पर जमात आगे

ढाका, एजेंसी। बांग्लादेश में गुरुवार को हुए मतदान में मतों की गणना जारी है। शुरुआती रुझानों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) अपने इस्लामी प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी से आगे निकलती दिख रही है। चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार अंतिम तस्वीर शुक्रवार सुबह तक साफ होने की उम्मीद है। इस चुनाव में दो पूर्व सहयोगी दलों बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधनों के बीच सीधा मुकाबला है। जनमत सर्वेक्षणों में बीएनपी को मामूली बढ़त दी गई थी। स्थानीय टीवी चैनलों के अनुसार शुरुआती रुझानों में बीएनपी 50 सीटों पर और जमात 18 सीटों पर आगे चल रही है। बांग्लादेश की संसद में कुल 300 सीटें हैं और साधारण बहुमत के लिए 151 सीटों की आवश्यकता होती है।
बीएनपी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर दावा किया कि पार्टी प्रमुख और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार तारिक रहमान ने जिन दो सीटों से चुनाव लड़ा, उनमें से एक पर जीत दर्ज कर ली है। ढाका स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर समर्थकों ने उनकी जीत की खबर सुनकर तालियां बजाकर और नारे लगाकर जश्न मनाया, जिसके दृश्य पार्टी के फेसबुक पेज पर साझा किए गए। बांग्लादेश में मतदान संपन्न, 60% मतदान बांग्लादेश में छिटपुट हिंसा के बीच गुरुवार को आम चुनाव संपन्न हो गया। 300 में से 299 संसदीय सीट पर मतदान सुबह साढ़े सात बजे शुरू और शाम साढ़े चार बजे तक खत्म हो गया। इस दौरान दो मतदान केंद्रों पर धमाके हुए, जिसमें तीन घायल हो गए। वहीं जमात-ए- इस्लामी और बीएनपी कार्यकर्ताओं बीच हुई झड़प में बीएनपी कार्यकर्ता की मौत हो गई। मतों की गिनती जारी है। बांग्लादेश में जटिल 84 सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ-साथ 13वां आम चुनाव खत्म हो गया। मीडिया रिपोर्ट में बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग के हवाले से बताया कि 60 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में छिटपुट घटनाओं के बावजूद सभी केंद्रों पर मतदान संपन्न हो गया। एक उम्मीदवार की मृत्यु होने के कारण एक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान रद्द कर दिया गया है। अगस्त, 2024 में देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद यह पहला आम चुनाव है। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था। निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और लगभग 10 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है, जो देश के चुनावी इतिहास में सुरक्षाकर्मियों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। जमात-बीएनपी कार्यकर्ताओं में झड़प, एक की मौत खुलना में एक मतदान केंद्र के बाहर जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प के दौरान एक बीएनपी नेता की मौत हो गई। बीएनपी का कहना है कि जमात के एक नेता के धक्का देने की वजह से पेड़ से टकराकर वह घायल हो गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। हालांकि जमात नेता का दावा है कि इस अशांति के दौरान बीएनपी नेता बीमार पड़ गए थे। मृतक की पहचान 22 वर्षीय मोहिबुज्जमान कोचि के रूप में हुई है, जो बीएनपी की खुलना शहर इकाई के पूर्व कार्यालय सचिव थे। मतपत्र से अवामी लीग का चुनाव चिन्ह गायब हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग की गैरमौजूदगी में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसकी पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच है। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने शेख हसीना की अवामी लीग को पिछले साल भंग कर दिया था और पार्टी के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। बांग्लादेश में 30 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब हसीना की अवामी लीग का चुनाव चिन्ह 'नाव' मतपत्र पर नहीं दिखाई दिया है। गोपालगंज में बम हमले में तीन घायल इस बीच कई जगहों से चुनावी हिंसा की खबरें आई हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गोपालगंज में बम हमले में 13 वर्षीय लड़की सहित तीन लोग घायल हो गए हैं। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे निचुपाड़ा स्थित रेशमा इंटरनेशनल स्कूल में बने मतदान केंद्र में विस्फोट हुआ। इस घटना में चुनाव सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अर्द्धसैनिक सहायक बल 'अंसार' के दो सदस्य भी घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया। मतदान थोड़ी देर बाद फिर से शुरू हो गया। मुंशीगंज में 10- 12 देसी बमों में धमाका एक अलग घटना में मुंशीगंज-3 निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र के बाहर सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए, जिससे मतदान अस्थायी रूप से बाधित हो गया। सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर मखाती गुरुचरण हाई स्कूल में बने मतदान केंद्र के सामने विस्फोट हुए। अधिकारियों ने बताया कि 10 से 12 देसी बमों में धमाका हुआ। केंद्र पर मतदान करीब 15 मिनट के लिए रोक दिया गया। पीठासीन अधिकारी मोहम्मद तितुमिर ने कहा कि विस्फोटों से मतदाताओं में दहशत फैल गई। उन्होंने कहा कि हमने कुछ देर के लिए मतदान रोक दिया था, लेकिन अब यह फिर से शुरू हो गया है और लोग अपना वोट डाल रहे हैं। यूनुस सहित शीर्ष नेताओं ने मतदान किया देश की दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने अपने वोट डाले। बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका के रिहायशी गुलशन इलाके में स्थित गुलशन मॉडल स्कूल एवं कॉलेज केंद्र में अपना वोट डाला। अंतरिम सरकार के प्रमुख यूनुस अपनी बेटी के साथ गुलशन क्षेत्र के एक स्कूल में बने अस्थायी मतदान केंद्र पर पहुंचे और अपना वोट डाला। बीएनपी की पूर्व सहयोगी और अब मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने मोनीपुर उच्च विद्यालय एवं कॉलेज में अपना वोट डाला। बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी में कांटे की टक्कर हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग की गैरमौजूदगी में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसकी पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच है। मीडिया में हेराफेरी की खबरें छाई बांग्लादेश के मुख्यधारा के मीडिया में चुनाव पूर्व हेराफेरी, मतदाताओं को रिश्वत देने, मतपत्रों के फोटोकॉपी का वितरण और प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के बीच झड़पों के आरोपों की खबरें छायी हुई हैं, जिसके बाद सेना और पुलिस के संयुक्त बलों ने कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। - 1,755 उम्मीदवार चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे - 273 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में ताल ठोक रहे - 291 उम्मीदवार उतारे है बीएनपी ने चुनाव में - 83 महिला उम्मीदवार किस्मत आजमा रही हैं - 45 देशों और संगठनों के प्रतिनिधि ने चुनाव पर नजर रखी - 10 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है चुनाव में पहली बार - पहली बार चुनाव में सुरक्षा के लिए ड्रोन और बॉडी-वॉर्न कैमरों का उपयोग किया गया। - करीब 12.7 करोड़ मतदाताओं में से 3.58 प्रतिशत मतदाता पहली बार मतदान किया। - पहली बार करीब आठ लाख पंजीकृत प्रवासी बांग्लादेशी डाक मतपत्र प्रणाली से मतदान करेंगे।
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