Delhi News: सड़कों पर बेरोकटोक दौड़ रहीं पर्दे लगी बसें, सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Delhi News: -केंद्रीय मोटर वाहन नियम में वाहन के शीशे ढकने पर प्रतिबंध-राज्य परिवहन प्राधिकरण ने बसों की खिड़कियों के शीशे पर्दे से न ढकने का निर्देश जारी कर रखा हैनई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी दिल्ली की...

Delhi News:  सड़कों पर बेरोकटोक दौड़ रहीं पर्दे लगी बसें, सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी

Delhi News: -केंद्रीय मोटर वाहन नियम में वाहन के शीशे ढकने पर प्रतिबंध -राज्य परिवहन प्राधिकरण ने बसों की खिड़कियों के शीशे पर्दे से न ढकने का निर्देश जारी कर रखा है

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी दिल्ली की सड़कों पर पर्दे और काले शीशे लगी बसें बेरोकटोक दौड़ रही हैं, जबकि राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) का स्पष्ट निर्देश है कि बसों की खिड़कियों पर पर्दे नहीं लगाए जाने चाहिए। ताकि बस के अंदर की गतिविधियां बाहर से साफ दिखाई दें। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है और इसका बड़ा कारण पुलिस व परिवहन विभाग की अनदेखी है।

केंद्रीय मोटर वाहन नियम

केंद्रीय मोटर वाहन नियम के मुताबिक वाहन के शीशों से बाहर से अंदर स्पष्ट दिखना चाहिए। आगे और पीछे की विंडशील्ड में कम से कम 70 प्रतिशत विजुअल लाइट ट्रांसमिशन (वीएलटी) और साइड की खिड़कियों में कम से कम 50 प्रतिशत वीएलटी अनिवार्य है। इसी आधार पर मार्च 2013 में एसटीए ने बसों के परमिट को लेकर जारी नियमावली में साफ तौर पर कहा था कि किसी भी बस में पर्दे या फिल्म लगे शीशे नहीं होने चाहिए। यह नियम खासतौर पर महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत नजर रखी जा सके और समय रहते हस्तक्षेप हो सके।

सड़क पर स्थिति

इसके बावजूद पांडव नगर, आनंद विहार, कश्मीरी गेट, सीलमपुर, मयूर विहार, लाल किला और धौला कुआं जैसे कई इलाकों से रोजाना चलने वाली निजी ऑपरेटरों की बसों में पर्दे या डार्क फिल्म आम बात है। न तो परिवहन विभाग और न ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिस इस पर कोई ठोस कार्रवाई करती दिख रही है।

ये बसें बीच रास्ते से भी सवारियां चढ़ाती हैं और इनकी नियमित जांच भी नहीं होती। कभी-कभार चेकिंग के दौरान परमिट शर्तों के उल्लंघन पर कार्रवाई तो होती है, लेकिन पर्दे लगाने पर विशेष रूप से रोक लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर नियमित और औचक निरीक्षण अभियान नहीं चलाते, तब तक इस तरह की अनियमितताओं पर लगाम लगाना मुश्किल होगा। इस मामले में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पर्दे लगाने वाली बसों पर कार्रवाई की जाती है। आगे अभियान चलाया जाएगा।

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इस उल्लंघन पर इतने चालान

परमिट उल्लंघन - 37788 (इसमें परमिट से जुड़े कई उल्लंघन शामिल हैं)

शीशे पर काली फिल्म का उल्लंघन- 18993

(स्रोत : दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, अगस्त तक)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में बसों पर पर्दे लगाने का क्या नियम है?
दिल्ली में बसों के शीशों पर पर्दे लगाने का स्पष्ट प्रतिबंध है और ऐसा करने पर कार्रवाई की जाती है।
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