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ऑटो मैकेनिक से क्लॉस वन अफसर को भी देना होगा आजीविका कर

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता

सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में काम करने वाले पूर्वी दिल्ली के सभी लोग निगम के प्रस्तावित आजीविका और वृति व्यवसाय (प्रोफेशनल टैक्स) के दायरे में आ जाएंगे। चाहे ऑटो मैकेनिक हो या फिर क्लॉस वन अफसर सभी को यह टैक्स देना होगा। निगमायुक्त रणवीर सिंह का कहना है कि यह भारत के 15 राज्यों में पहले से लागू है। उन्होंने कहा कि आमदनी को बढ़ाने के लिए पूर्वी निगम ने कुछ रास्ते निकाले हैं, ताकि राजस्व में इजाफा किया जा सके। इसके लिए अगले वित्त वर्ष में लोगों पर तीन टैक्स लगाए जाएंगे।

शिक्षा उपकर

शिक्षा उपकर को सम्पति कर की पांच प्रतिशत की दर से लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे दस करोड़ रुपये की वार्षिक आय का अनुमान है।

सुधार कर

विकास कार्यों के कारण यहां स्थित सम्पतियों की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। निगम द्वारा उन क्षेत्रीय सम्पतियों पर सुधार कर लगाने का प्रस्ताव है जिन सम्पतियों की कीमत में बढ़ोत्तरी हुई है। ये कर सम्पति कर का 15 प्रतिशत होगा। इससे पूर्वी निगम को दस करोड़ रुपये की वार्षिक आय का अनुमान है।

आजीविका कर

यह कर उन वेतनभोगियों तथा पेशेवरों पर लगाया जाएगा, जिनकी वार्षिक आय पांच लाख रुपये से अधिक है। इस कर से पांच करोड़ रुपये की वार्षिक आय का अनुमान है। यह कर 2.50 लाख से 5 लाख पर 1200 रुपये वार्षिक, पांच लाख से 10 लाख रुपये पर 2400 रुपये तथा 5 लाख से 10 लाख रुपये पर 2500 रुपये वार्षिक वसूला जाएगा।

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ये रहा बजट :

बजट के दौरान निगमायुक्त ने बताया कि वर्ष 2017-18 का संशोधित बजट 310393.57 लाख रुपये था। इसमें से 316256.20 लाख रुपये खर्च किए गए। इसमें से अंतशेष राशि 11372.12 लाख रुपये है। वर्ष 2018-19 का अनुमानित बजट 11372.12 लाख रुपये प्राप्त होने वाली राशि 511044.25 लाख रुपये तथा खर्च राशि 521743.85 लाख रुपये है। जबकि अंत में बची राशि 672.52 लाख रुपये होगी।

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