आवाज से तैयार होगी कड़क कॉफी
ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कॉफी बनाने का एक नया तरीका खोजा है। इस विधि में कमरे के तापमान वाले पानी और अल्ट्रासोनिक ध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है। यह तकनीक 75% बिजली की खपत कम करती है और टेस्ट में पारंपरिक कॉफी के मुकाबले कोई अंतर नहीं पाया गया।

सिडनी, एजेंसी। ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कॉफी बनाने का नया तरीका खोजा है। इसमें उबलते पानी की जगह कमरे के तापमान वाला पानी इस्तेमाल किया जाता है और अल्ट्रासोनिक साउंड वेव (बहुत तेज ध्वनि तरंगों) की मदद ली जाती है, जिससे एस्प्रेसो कॉफी बनाई जाती है। इस तकनीक से बिजली की खपत 75 फीसदी तक कम हो जाती है। वैज्ञानिकों ने करीब 100 नियमित कॉफी पीने वालों के साथ टेस्ट किया। कोई भी व्यक्ति पारंपरिक और इस तकनीक से बनी कॉफी के स्वाद में अंतर नहीं ढूंढ पाया।कैसे बनती है ‘अल्ट्रासोनिक एस्प्रेसो’एस्प्रेसो बनाने के लिए उबलते पानी और भारी दबाव की जरूरत होती हैै।
नई तकनीक में कॉफी पाउडर की बास्केट को अल्ट्रासोनिक रिएक्टर में बदल दिया जाता है। इसमें लगा उपकरण ध्वनि तरंगे पैदा करता है, जिससे बास्केट वाइब्रेट होने लगती है। इससे कॉफी की खुशबू और कैफीन तीन मिनट में पानी में घुल जाते हैं।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


