
देश के अन्य हिस्सों को पूर्वोत्तर के बारे में शिक्षित किया जाए: सरमा
- कहा, एंजेल चकमा की हत्या जैसी घटनाओं पर रोक के लिए यह कदम जरूरी
गुवाहाटी, एजेंसी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को कहा कि देश के अन्य हिस्सों के लोगों को पूर्वोत्तर भारत के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए ताकि देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या जैसी घटनाओं को रोका जा सके। सरमा ने यहां मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने कहा कि अगर आरोपियों को कड़ी सजा दी जाती है तो इससे पूरे देश को एक कड़ा संदेश मिलेगा और उम्मीद है कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।
सरमा ने कहा कि पूर्वोत्तर के लोगों को अपनी भारतीयता पर गर्व है और देश के बाकी हिस्सों के लोगों को इस क्षेत्र और यहां के लोगों के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों और भारत के बाकी हिस्सों के लोगों के बीच अधिक संवाद होना चाहिए। आशा है कि ऐसा दोबारा नहीं हो सरमा ने कहा कि युवा छात्र की मौत वास्तव में दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम इस घटना की निंदा करते हैं और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और हम आशा करते हैं कि ऐसा दोबारा नहीं हो। यह पूछने पर कि क्या राज्य सरकार के पास बाहर पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या से संबंधित आंकड़े हैं। सरमा ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इसे एकत्र और संरक्षित किया जा सकता है। त्रिपुरा के रहने वाले 24 वर्षीय छात्र चकमा देहरादून में एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे। नशे में धुत लोगों के एक समूह ने चकमा पर नस्लीय टिप्पणी कीं और हमला कर दिया। चकमा ने 16 दिन बाद दम तोड़ दिया। इसके बाद पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ दिल्ली में भी विद्यार्थियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए।

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