असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के बयानों पर हाईकोर्ट से संज्ञान का अनुरोध

Feb 06, 2026 05:35 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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असम के 40 से अधिक प्रमुख नागरिकों ने उच्च न्यायालय से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आपत्तिजनक बयानों पर स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान एक समुदाय के प्रति धमकी जैसे प्रतीत होते हैं, जो असमिया समाज में सद्भाव और सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के बयानों पर  हाईकोर्ट से संज्ञान का अनुरोध

गुवाहाटी, एजेंसी। असम के 40 से अधिक प्रमुख नागरिकों ने उच्च न्यायालय से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयानों पर स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के बयान कथित तौर पर आपत्तिजनक, नफरती रहे हैं। गुरुवार को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार को प्रदेश के प्रमुख शिक्षाविदों, चिकित्सकों, लेखकों और सेवानिवृत्त अधिकारियों ने पत्र भेजा है। पत्र में मुख्यमंत्री के कथित सार्वजनिक बयानों की एक शृंखला की जानकारी दी गई है। कहा गया कि मुख्यमंत्री के बयान एक समुदाय के प्रति धमकी जैसे प्रतीत होते हैं। यह असमिया समाज में सद्भाव और सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला और वर्षों से असमिया समाज का हिस्सा बन चुके समुदायों का अपमान है।

पत्र भेजने वालों में शिक्षाविद हिरेन गोहेन, पूर्व डीजीपी हरेकृष्ण डेका, गुवाहाटी के पूर्व आर्कबिशप थॉमस मेनमपारामपिल, राज्यसभा सांसद अजीत भुइयां, पर्यावरण वैज्ञानिक दुलल चंद्र गोस्वामी, असम मेडिकल कॉलेज के रिटायर्ड प्राचार्य टी आर बोरबोरा, वकील शांतनु बोरठाकुर, जॉइंट काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस के संयुक्त संयोजक गर्गा तालुकदार और साहित्यकार अरूपा पतंगिया कलिता शामिल हैं।

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