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29 नवंबर, 2020|1:04|IST

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वीरता पुरस्कार से सम्मानित एएसआई गैंगस्टर के साथ मांग रहा था रंगदारी, गिरफ्तार

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वर्दी पर दाग

- पांच लाख के इनामी गैंगस्टर की गिरफ्तारी के बाद हुई जानकारी

- हौजखास इलाके में बिल्डर से आरोपी ने मांगे थे दो करोड़

नई दिल्ली। वरिष्ठ संवाददाता

घोषित बदमाशों को पकड़ने और कई संगीन मामलों की जांच के लिए राष्ट्रपति के हाथों वीरता पुरस्कार से सम्मानित हो चुके दिल्ली पुलिस के एक एएसआई को रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस बल से निकाल दिया गया है। हौजखास थाना पुलिस ने दिल्ली के कुख्यात पांच लाख के इनामी गैंगस्टर के साथ मिलकर रंगदारी वसूलने वाले इस एएसआई राजवीर को 20 नवंबर को दबोचा था, जिसे अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपी के वीरता पुरस्कार वापसी के लिए भी अपील की जाएगी।

पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि हौजखास इलाके में रहने वाले एक बिल्डर ने इसी साल 28 जून को शिकायत दर्ज कराई थी कि सुबह 11 बजे उन्हें एक कॉल आई। कॉलर ने खुद को काला जेठीया गैंग का सरगना बताते हुए दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। साथ ही रुपये नहीं देने पर पूरे परिवार की हत्या की धमकी दी। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि जिस सिम कार्ड से रंगदारी मांगी गई थी, वह रोहतक निवासी राममूर्ति से 27 जून को छीना गया था। वहीं, जिस मोबाइल सेट का इस्तेमाल हुआ, वह दिल्ली के सावन नाम के शख्स से मुकेश नाम के व्यक्ति ने लिया था और उसे हरियाणा के गैंगस्टर प्रमोद उर्फ काला को दे दिया गया। काला ने ही राजस्थान के भिवाड़ी से कॉल की थी। पुलिस ने मामले में सावन, मुकेश, सनी और प्रमोद उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया।

एएसआई मास्टरमाइंड निकला

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि दक्षिण-पश्चिमी जिले में पीसीआर में तैनात एएसआई राजवीर लगातार उनके संपर्क में था और पीड़ित की जानकारी आरोपियों को उसी ने मुहैया कराई थी। काला ने पुलिस को बताया कि एएसआई ने ही उसे पीड़ित के बेटे के कार पर गोलीबारी के लिए कहा था। इसके बाद पुलिस ने 20 नवंबर को आरोपी एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। अदालत से सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इनामी को पता चलती रही पुलिस की हर गतिविधि

प्रमोद उर्फ काला जेठीया पर लूट, हत्या का प्रयास, हत्या और रंगदारी के कई दर्जन मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस को आरोपी की लंबे समय से तलाश थी। आरोपी की तलाश में अपराध शाखा, कई थानों की पुलिस, स्पेशल सेल की टीम ढूंढ़ रही थी। लेकिन, आरोपी एएसआई लंबे समय से उसके संपर्क में रहते हुए दिल्ली पुलिस की गतिविधियों की जानकारी उसे दे रहा था।

कारोबारी को कॉल कर फंसा

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी एएसआई ने कारोबारी को कॉल कर काला जेठीया को पैसे देने की बात कही। कई बार इस तरह बात करने पर कारोबारी को पुलिसकर्मी पर शक हो गया। उसने पुलिसकर्मी के बारे में जांच टीम को सूचना दी। इसके बाद जांच टीम ने पुलिसकर्मी और गैंगस्टर के संबंधों की जांच की। काला की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ में उसने एएसआई से संबंधों की बात कबूली, जिसके बाद इस मामले का मुख्य आरोपी एएसआई दबोचा गया।

गिरफ्तारी के बाद नौकरी से निकाला

एएसआई राजवीर की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस की ओर से एक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि उसके जैसे लोगों की पुलिस में कोई जगह नहीं है। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस बल से निकाल दिया गया है। साथ ही उसे दिए गए वीरता पुरस्कार को वापस लेने के लिए अपील की जाएगी ताकि पुलिसकर्मियों को कड़ा संदेश जा सके।

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पुलिसकर्मियों पर पिछले तीन माह में हुई कार्रवाई

जिला कार्रवाई

पश्चिमी दिल्ली 8

दक्षिणी दिल्ली 4

दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली 5

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली 43

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली 2

नई दिल्ली 1

बाहरी दिल्ली 3

मध्य दिल्ली 2

पूर्वी दिल्ली 3

रोहिणी 8

उत्तरी दिल्ली 5

बाहरी-उत्तरी दिल्ली 3

संगम विहार यातायात सर्कल 4

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  • Web Title:ASI gangster conferred bravery award demanding extortion arrested