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बिना चखे ना दिया जाए अर्पिता को खाना, जान को खतरा है : ईडी

जांच एजेंसी ने जोर देकर कहा कि पार्थ चटर्जी को लेकर ऐसा कोई इनपुट नहीं

बिना चखे ना दिया जाए अर्पिता को खाना, जान को खतरा है : ईडी
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSat, 06 Aug 2022 03:10 AM
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कोलकाता, एजेंसियां

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के शिक्षा घोटाले में गिरफ्तार अर्पिता मुखर्जी को खाना चख कर देने की सिफारिश पीएमएलए अदालत को दी है। ईडी को अर्पिता के खिलाफ ईडी को लगातार सबूत मिल रहे हैं। ईडी ने कहा कि उनकी जान को बड़ा खतरा है।

ईडी ने पीएमएलए अदालत को जानकारी दी है कि इस समय अर्पिता सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे में उन्हें जो भी खाना दिया जाए, उसे पहले चखना जरूरी है। जांच एजेंसी ने जोर देकर कहा है कि पार्थ चटर्जी को लेकर ऐसा कोई इनपुट नहीं मिला है, उनकी सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं दिखाई देता है। लेकिन अर्पिता के साथ ऐसा नहीं है। उनकी जान पर खतरा बना हुआ है।

ईडी का कहना है कि दोनों के खिलाफ जांच के दौरान कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिनकी कड़ियों का जुड़ना जरूरी है। ऐसे में कई और सवाल दागे जा सकते हैं। उस मांग के साथ ही ईडी ने अदालत में बताया है कि अर्पिता मुखर्जी को लेकर ऐसी खबर मिली है कि उनकी जान को खतरा हो सकता है। ईडी ने जोर देकर कहा है कि अर्पिता को जो भी पानी या फिर खाना दिया जाए, उसकी पहले जांच होना जरूरी है।

शिक्षा घोटाले से जुड़ा सारा पैसा अर्पिता मुखर्जी के पास से मिला है। उनके तीन से चार प्रॉपर्टी पर रेड मारी गई है, करोड़ों का सोना जब्त किया गया है, विदेशी करेंसी मिली है। इसी वजह से इस पूरे मामले में उनकी बड़ी भूमिका है और उनकी जान को भी ज्यादा खतरा चल रहा है। वहीं इस पूरे मामले में पार्थ चटर्जी की सीधी भूमिका नहीं दिखती है। अर्पिता ने जरूर दावा कर दिया है कि सारा पैसा पार्थ चटर्जी का ही है, लेकिन पूर्व मंत्री लगातार कह रहे हैं कि उन पैसों से उनका कोई लेना देना नहीं है।

ईडी को अर्पिता के पास से एलआईसी की 31 पॉलिसी मिली हैं। उन सभी पॉलिमी में नॉमिनी पार्थ चटर्जी को बनाया गया है। ऐसे में ईडी दावा कर रही है कि पार्थ और अर्पिता एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे और हर मामले में इनकी मिलीभगत रहती थी। ये भी खुलासा कर दिया गया कि पार्थ और अर्पिता एपीए यूटीलिटी कंपनी में साझेदार थे। अर्पिता ने तो कैश देकर कुछ फ्लैट तक खरीदे थे। अब वह किसका पैसा था, कहां से अर्पिता ने उसका इंतजाम किया, ईडी इसकी जांच कर रही है। जिस तरह से ईडी की जांच आगे बढ़ रही है, आने वाले दिनों में और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

पार्थ और अर्पिता 18 तक न्यायिक हिरासत में

कोलकाता, एजेंसी

इस बीच कोलकाता की एक विशेष अदालत ने पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को 18 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

विशेष पीएमएलए अदालत के न्यायाधीश जिबोन कुमार साधू ने ईडी के आग्रह पर चटर्जी और मुखर्जी को 14-14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत ने पूर्व मंत्री की ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया और चटर्जी और मुखर्जी को 18 अगस्त को मामले की फिर से सुनवाई होने पर पेश करने को कहा। अदालत ने जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोप गंभीर हैं और आरोपियों की ईडी की हिरासत के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोना, संपत्ति के कागज़ात, बैंक खातों का विवरण और अन्य दस्तावेज़ मिले हैं तथा जांच शुरुआती चरण में है। चटर्जी को यहां प्रेसिडेंसी सुधार गृह में, जबकि मुखर्जी को अलीपुर महिला सुधार गृह में रखा जाएगा और अदालत ने इसके अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे जांच अधिकारियों को उनसे पूछताछ करने की इजाजत दें।

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