खेल : जादूमणि पहली बार बने राष्ट्रीय चैंपियन, निकहत और लवलीना ने भी लगाए स्वर्णिम पंच
राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में सेना खेल संवर्धन बोर्ड ने 12 स्वर्ण पदकों के साथ ओवरऑल चैंपियनशिप जीती। आदित्य ने गत चैंपियन अभिनाश को हराया। जदुमणि सिंह (55 किलो) ने पहली बार राष्ट्रीय चैंपियन बनकर सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज का खिताब भी जीता। महिला मुक्केबाजों में निकहत, लवलीना और मीनाक्षी ने भी स्वर्ण पदक जीते।

शोल्डर : मुक्केबाजी : सेना खेल संवर्धन बोर्ड 12 स्वर्ण पदकों के साथ बना ओवरऑल चैंपियन, आदित्य ने फाइनल में गत चैंपियन अभिनाश को हराकर किया बड़ा उलटफेर ग्रेटर नोएडा, हिन्दुस्तान ब्यूरो। जदुमणि सिंह (55 किलो) ने पहली बार राष्ट्रीय चैंपियन बन गए। पूर्व विश्व चैंपियन निकहत जरीन, लवलीना बोरगोहेन और मीनाक्षी हुड्डा ने भी राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में शनिवार को स्वर्णिम पंच जड़े। पहली बार एक साथ हुई महिला और पुरुष की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में सेना खेल संवर्धन बोर्ड (एसएससीबी) कुल 12 स्वर्ण (पुरुष 9, महिला 3) पदकों के साथ ओवरऑल चैंपियन बना। विश्व कप फाइनल्स के रजत पदक विजेता जदुमणि ने फाइनल में अपने सेना के ही अपने साथी पवन बर्तवाल को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से पराजित किया।
जदुमणि को टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज के खिताब से भी नवाजा गया। मणिपुर के 21 वर्षीय मुक्केबाज ने सेमीफाइनल में विश्व कप के एकमात्र रजत पदक विजेता अमित पंघाल को मात दी थी। सेना के ही आदित्य प्रताप (65 किलो) ने गत चैंपियन हिमाचल प्रदेश के अभिनाश जमवाल को रोमांचक मुकाबले में 3-2 से हराया। अंकुश (80 किलो) ने मालसावमतलुआंगा को हराकर पहली बार स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं में एसएससीबी की प्रीति पवार (54 किलो), प्रांजल यादव (65 किलो) और अरुंधति चौधरी (70 किलो) भी चैंपियन बनीं। प्रीति को सर्वश्रेष्ठ महिला मुक्केबाज चुना गया। जरीन का तीसरा पदक : तेलंगाना की निकहत (51 किलो) ने 2023 की विश्व चैंपियन हरियाणा की नीतू घंघास को 5-0 से पराजित किया। यह उनका राष्ट्रीय चैंपियनशिप में तीसरा स्वर्ण पदक है। पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता असम की लवलीना (75 किलो) ने रेलवे की सनामचा चानू को 5-0 से हराया। विश्व चैंपियन ऑल इंडिया पुलिस की मीनाक्षी (48 किलो) ने एसएससीबी की मंजू रानी को 5-0 से हराकर अपनी बादशाहत साबित की। निकहत ने बाद में कहा, मैंने नए साल की शुरुआत चैंपियन के रूप में की है जो बहुत बढ़िया है। आज की मेरी प्रतिद्वंदी खुद एक विश्व चैंपियन थीं इसलिए मुकाबला कड़ा था। इतनी बेहतरीन मुक्केबाजों के खिलाफ जीत से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। हुसामुद्दीन की स्वर्णिम वापसी : मोहम्मद हुसामुद्दीन (60 किलो) ने चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता। एसएससीबी के हुसामुद्दीन ने अपने ही साथी और गत चैंपियन सचिन सिवाच को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 3-2 से हराया। मुकाबला समाप्त होने के बाद थोड़ी देर के लिए भ्रम की स्थिति पैदा हो गई जब परिणाम पहले सचिन के पक्ष में घोषित किया गया, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद इसे ठीक कर दिया गया। हितेश गुलिया (70 किलो) ने सेना के अपने साथी दीपक को 3-2 से और सुमित (75 किलो) ने आकाश को 5-0 से पराजित किया। सेना के विश्वनाथ (50 किलो) ने यूपी के ऋषि सिंह को 5-0 से हराया। नरेंद्र (90 किलो से अधिक) चंडीगढ़ के सावन गिल को हराकर चैंपियन बने। पूजा का परफेक्ट टेन : हरियााण की दिग्गज मुक्केबाज पूजा रानी (80 किलो) ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपना दसवां खिताब जीता। उन्होंने अपने ही राज्य की नैना को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से पराजित किया। रेलवे की प्राची (57 किलो), प्रिया (60 किलो) और अल्फिया खान (80 से अधिक किलो) ने भी पीले तमगे जीते।

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