
शिशु आहार और सॉफ्ट ड्रिंक्स में अतिरिक्त चीनी की मात्रा चिंताजनक -अनुराग ठाकुर
शिशु आहार और सॉफ्ट ड्रिंक्स में अतिरिक्त चीनी की मात्रा चिंताजनक -अनुराग ठाकुर ------------------------------------नईदिल्ली। विशेष संवाददातापूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सरकार से...
शिशु आहार और सॉफ्ट ड्रिंक्स में अतिरिक्त चीनी की मात्रा चिंताजनक -अनुराग ठाकुर ------------------------------------ नईदिल्ली। विशेष संवाददाता पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सरकार से अतिरिक्त चीनी की सख्त निगरानी सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं, विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए व्यापक, अधिक स्पष्ट और प्रभावी फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग नियम लागू करने की मांग की है। ठाकुर ने लोकसभा में नियम 377 के तहत भारतीय बाजार में उपलब्ध शिशु आहार और सॉफ्ट ड्रिंक्स में अतिरिक्त चीनी की चिंताजनक मात्रा को लेकर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या की ओर ध्यान खींचा। वैश्विक स्वास्थ्य मानकों का हवाला देते हुए ठाकुर ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन वयस्कों और बच्चों के लिए कुल ऊर्जा सेवन में मुक्त शर्करा को 10 प्रतिशत से कम रखने की सिफारिश करता है, आदर्श रूप से 5 प्रतिशत से कम, और शिशु आहार में किसी भी अतिरिक्त चीनी का इस्तेमाल न करने की सलाह देता है।
हालांकि, अध्ययनों से पता चलता है कि भारत में कुछ पैकेज्ड शिशु आहार में प्रति सर्विंग लगभग 2.7 ग्राम अतिरिक्त चीनी होती है, जबकि कई लोकप्रिय सॉफ्ट ड्रिंक्स में प्रति 100 मिलीलीटर लगभग 10.6 ग्राम चीनी होती है। ऐसी उच्च चीनी की खपत बचपन के मोटापे, कम उम्र में डायबिटीज, दांतों की समस्याओं और युवाओं में अन्य रोगों में बढ़ोत्तरी करती है। भाजपा सांसद ने जोर दिया कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों और मीठे पेय पदार्थों की बढ़ती खपत के लिए मजबूत नियामक हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उपभोक्ता संरक्षण को और मजबूत करने के लिए स्पष्ट, प्रमुख और आसानी से समझ में आने वाली फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग प्रणाली लागू करने की अपील की, जिसमें चित्रात्मक चेतावनी या स्टार-आधारित रेटिंग शामिल हो जो चीनी, नमक और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वसा की उच्च मात्रा को स्पष्ट रूप से उजागर करें। उन्होंने कहा कि ऐसी लेबलिंग उपभोक्ताओं को सूचित आहार विकल्प चुनने में सशक्त बनाएगी, खाद्य निर्माताओं को स्वस्थ सामग्री से उत्पादों को रिफॉर्मुलेट करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, और उच्च-चीनी उत्पादों की अत्यधिक खपत को हतोत्साहित करेगी। यह प्रधानमंत्री मोदी के तेल और वसा की मात्रा कम करने के आह्वान से मेल खाता है, जो मोटापे से लड़ने के लिए व्यापक आहार परिवर्तन का हिस्सा है। ------

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