मिशन इंजीनियरिंग :::शिक्षा ही विकसित भारत की अवधारणा को साकार करने की राह
विद्यार्थियों को देश का भविष्य बताते हुए डॉ. दिव्यांशु सिन्हा ने कहा कि शिक्षा सबसे खूबसूरत निवेश है। उन्होंने एक्सपीरेंएंशियल लर्निंग पर जोर दिया, जिसमें विद्यार्थियों को इंडस्ट्री रेडी बनाने और नैतिकता सिखाने पर ध्यान दिया जाता है। एआई के नैतिक उपयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। विद्यार्थियों को देश का भविष्य बताते हुए अमृता विश्व विद्यापीठम के पदाधिकारी डॉ. दिव्यांशु सिन्हा ने शिक्षा के जरिये विकसित भारत की अवधारणा को साकार करने की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में शिक्षा सबसे खूबसूरत निवेश है, क्योंकि इसे कोई छीन नहीं सकता। इस बात पर जोर दिया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के बाद समाज और देश हित के लिए जरूर काम करें। डॉ. सिन्हा ने बताया कि अमृता विश्व विद्यापीठम पारंपरिक शिक्षा से अलग एक्सपीरेंएंशियल लर्निंग पर केंद्रित है। इसके तहत विद्यार्थियों को इंडस्ट्री रेडी बनाने के साथ अच्छा इंसान बनाने के गुर सिखाए जाते हैं।
उनके व्यावहारिक जीवन कौशल को निखारा जाता है। डॉ. सिन्हा ने कहा कि शिक्षा से ही हर परिस्थिति का सामना करने के लिए व्यक्ति को तैयार किया जा सकता है। खुद को विभिन्न परिस्थितियों में कैसे संभाले, यह सिखाना शिक्षा का प्राथमिक उद्देश्य होता है। जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित करना भी शिक्षा का हिस्सा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किताबों और शिक्षकों के साथ अधिक समय बिताएं, न कि चैटजीपीटी पर निर्भर रहें। ह्यूमन टच की अहमियत पर बल देते हुए उन्होंने एथिकल एआई की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने कहा कि एआई तभी टिकाऊ होगा जब उसका नैतिक उपयोग हो। उन्होंने अमृता विश्व विद्यापीठम के एआई आधारित परियोजनाओं के बारे में प्रजेंटशन दिखाकर चर्चा की। बताया कि किस प्रकार इसके माध्यम से समाज के लिए उपयोगी एप्लीकेशन तैयार की जा रही हैं। ------ \B
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