बंगाल से अपनी मर्जी से चले जाएं अवैध प्रवासी: अमित शाह

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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गांधीनगर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अवैध प्रवासी अपनी मर्जी से जाने पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठ बढ़ रही थी, लेकिन अब सरकार चाहती है कि प्रवासी स्वेच्छा से लौटें। एक उच्च स्तरीय समिति जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर कानून की आवश्यकता पर विचार करेगी।

बंगाल से अपनी मर्जी से चले जाएं अवैध प्रवासी: अमित शाह

गांधीनगर में बोले गृह मंत्री, अपनी मर्जी से जाने पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर बनी समिति कानून की आवश्यकता के संबंध में विचार करेगी

गांधीनगर,एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि अगर अवैध प्रवासी अपनी मर्जी से चले जाते हैं, तो पश्चिम बंगाल में सरकार उनके खिलाफ कानूनी मामले दर्ज नहीं करेगी, साथ ही उनके जाने में सहायता भी प्रदान करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि पहचान अभियान शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग स्वेच्छा से चले जाएंगे।

ममता सरकार में हर दिन होती थी घुसपैठ

शाह गांधीनगर में 340 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे।

मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि घुसपैठिए खुद ही बांग्लादेश लौटने लगे हैं। उन्होंने दावा किया,ममता बनर्जी के शासनकाल में रोज घुसपैठ होती थी।

जनसांख्यिकीय बदलावों पर विचार करेगी समिति

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिरासत केंद्र स्थापित किए गए हैं, लेकिन सरकार चाहती है कि अवैध प्रवासी स्वेच्छा से अपने मूल स्थानों पर लौट जाएं।

शाह ने कहा कि अवैध प्रवासन और अन्य असामान्य कारणों से होने वाले कृत्रिम जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर केंद्र की उच्च स्तरीय समिति इस बात का भी आकलन करेगी कि इस मुद्दे से निपटने के लिए किसी कानून की आवश्यकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर की अध्यक्षता वाली समिति एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

शाह ने कहा, उच्च स्तरीय समिति देश भर में हुए कृत्रिम जनसांख्यिकीय बदलावों के कारणों की जांच करेगी। समिति सुधार के लिए जरूरी उपायों पर विचार-विमर्श करेगी और यदि किसी विशिष्ट कानून को लागू करना आवश्यक हुआ, तो उस आवश्यकता को भी संबोधित करेगी।

घुसपैठियों को निकालने के लिए प्रतिबद्ध

गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार देश से हर घुसपैठिए की पहचान करके उसे बाहर निकालने के लिए दृढ़ता से कटिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्रह मोदी ने इसी उद्देश्य से जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर समिति का गठन करने का निर्णय लिया।

शाह ने बांग्लादेश से घुसपैठ को लेकर पश्चिम बंगाल की पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की और दावा किया कि राज्य में विधानसभा चुनावों (जिसमें भाजपा सत्ता में आई) के बाद स्थिति बदल गई है।

उन्होंने कहा, अब भारतीय जनता पार्टी देश के 80 प्रतिशत भूभाग पर शासन करती है, और हाल में बंगाल में संपन्न हुए चुनावों में दीदी (ममता बनर्जी) को करारी हार का सामना करना पड़ा। शाह ने कहा कि उत्तराखंड से लेकर गंगासागर तक, गंगा के पूरे प्रवाह क्षेत्र में भाजपा भगवा झंडा फहराने में सफल रही।

शुभेंदु ने सात दिन में बाड़ लगाने के लिए जमीन दी

बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने की योजना

अमित शाह ने कहा कि चुनाव से पहले, भाजपा ने सत्ता में आने के कुछ ही दिन के भीतर बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू करने का वादा किया था। शुभेंदु अधिकारी की प्रशंसा करते हुए कहा शाह ने कहा कि बंगाल में 45 दिन में बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन देने का वादा सिर्फ 7 दिन में पूरा किया गया। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बाड़ लगाने के काम के लिए 600 हेक्टेयर भूमि सौंप दी गई। उन्होंने कहा, इसके अतिरिक्त, चिकन नेक कॉरिडोर में 121 हेक्टेयर भूमि भारत सरकार के हवाले कर दी गई है।

'चिकन नेक', जिसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से भी जाना जाता है, पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाला एक संकरा भूभाग है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने क्या कहा?
अगर अवैध प्रवासी अपनी मर्जी से चले जाते हैं, तो पश्चिम बंगाल में सरकार उनके खिलाफ कानूनी मामले दर्ज नहीं करेगी।
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