Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsAmit Shah Inaugurates 267 Crore Projects in Gandhinagar Highlights Resilience of Somnath Temple
भारत के सनातन धर्म और संस्कृति को मिटाना आसान नहीं: शाह

भारत के सनातन धर्म और संस्कृति को मिटाना आसान नहीं: शाह

संक्षेप:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में 267 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की संस्कृति और आस्था को मिटाना आसान नहीं है। शाह ने कहा कि 1000 साल बाद भी सोमनाथ मंदिर गर्व से खड़ा है और इसकी भव्यता का निर्माण जारी है।

Jan 13, 2026 04:48 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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- केंद्रीय गृह मंत्री ने गांधीनगर जिले में 267 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया अहमदाबाद, एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार किए गए विनाश के प्रयासों के बावजूद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का उदाहरण देते हुए मंगलवार को कहा कि भारत के सनातन धर्म, संस्कृति और लोगों की आस्था को मिटाना आसान नहीं है। शाह ने कहा कि मंदिर पर हमला करने वाले लोग अंततः मिट गए, लेकिन मंदिर आज भी गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में समुद्र तट पर उसी स्थान पर शान से खड़ा है। गांधीनगर जिले के मानसा में 267 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद शाह एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

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मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 जनवरी को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्घाटन किया था। महमूद गजनी ने 1,000 वर्ष पहले सोमनाथ मंदिर पर पहला हमला किया था। शाह ने कहा कि 1000 साल बाद और 16 बार नष्ट होने के बावजूद, सोमनाथ मंदिर अभी भी खड़ा है और उसका ध्वज आसमान में लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि वहां एक भव्य सोमनाथ कॉरिडोर का निर्माण भी किया जा रहा है। शाह ने कहा, यह पूरी दुनिया को संदेश है कि भारत के सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और भारतीय लोगों की आस्था को मिटाना इतना आसान नहीं है। यह सूर्य और चंद्रमा की तरह शाश्वत और अमर है। यह सोमनाथ मंदिर भारत की आस्था, विश्वास और गौरव का प्रतीक है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पूरे एक वर्ष तक मनाया जाएगा अमित शाह ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पूरे एक वर्ष तक मनाया जाएगा। इस दौरान देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य भारत की आत्मा को झकझोरना, उसकी चेतना को जागृत करना और सनातन धर्म की जड़ों को समाज के सबसे गहरे स्तर तक मजबूत करना है। उन्होंने कहा, लगभग एक हजार वर्ष पहले हमारे भव्य सोमनाथ मंदिर को महमूद गजनी ने ध्वस्त किया था। इसके बाद अलाउद्दीन खिलजी, अहमद शाह, महमूद बेगड़ा और औरंगजेब जैसे अन्य आक्रमणकारियों ने भी इस पर बार-बार हमले किए। लेकिन हर बार इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, विनाश करने वालों की सोच विनाश में विश्वास रखने वाली थी, जबकि निर्माण करने वालों की आस्था सृजन में थी। आज एक हजार वर्ष बाद वे विनाशक इतिहास में विलुप्त हो चुके हैं, लेकिन सोमनाथ मंदिर आज भी समुद्र के सामने गर्व से खड़ा है। - हमारी आस्था, हमारे धर्म और हमारे आत्मसम्मान पर प्रहार शाह ने कहा कि आजादी के बाद इस मंदिर का पुनर्निर्माण सरदार वल्लभभाई पटेल, केएम मुंशी, जामनगर के महाराजा और देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रयासों से किया गया। उन्होंने कहा कि इन सभी ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्स्थापन का संकल्प लिया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा, उस संकल्प के पीछे भावना यह थी कि सोमनाथ पर हुआ हमला केवल मंदिर पर हमला नहीं था, बल्कि वह हमारी आस्था, हमारे धर्म और हमारे आत्मसम्मान पर प्रहार था। इसका उत्तर किसी और हमले में नहीं, बल्कि अपने आत्मसम्मान की रक्षा करने में निहित है।