बेहतर रणनीति के साथ सोने-चांदी की करें खरीदारी

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अक्षय तृतीया पर सोने की खरीदारी अब परंपरा से निवेश रणनीति में बदल रही है। पिछले एक साल में सोने ने 60% का रिटर्न दिया है। निवेशक अब रिटर्न और जोखिम को ध्यान में रखते हुए गोल्ड ईटीएफ, डिजिटल गोल्ड, और फिजिकल गोल्ड में निवेश कर रहे हैं।

 बेहतर रणनीति के साथ सोने-चांदी की करें खरीदारी

नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना भारत में सदियों पुरानी परंपरा है। इसे समृद्धि और शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन अब यह परंपरा तेजी से निवेश रणनीति में बदल रही है। भावनात्मक खरीदारी की जगह निवेशक अब रिटर्न, जोखिम और टैक्स को ध्यान में रखकर सोने में पैसा लगा रहे हैं। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है सोने का जबरदस्त प्रदर्शन। पिछले एक साल में ही सोने ने करीब 60 फीसदी का रिटर्न दिया है। 2025 की अक्षय तृतीया पर जहां सोना करीब ₹99,500 प्रति 10 ग्राम था, वहीं 2026 में यह बढ़कर करीब ₹1,57,800 तक पहुंच गया।

लंबी अवधि में भी सोना निवेशकों के लिए मजबूत साबित हुआ है। पिछले नौ वर्षों में सोने ने करीब 435% का रिटर्न दिया है, जिससे यह सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्प बन गया है।तेजी के कारण: सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को चुना। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, महंगाई का दबाव, डॉलर में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद बढ़ना भी इसकी कीमतों को सहारा दे रहा है।निवेश के विकल्प: कौन कितना सही1. फिजिकल गोल्ड : परंपरा मजबूत, रिटर्न कमजोरगहनों और सिक्कों के रूप में सोना सबसे लोकप्रिय है। कई लोग शादी-त्योहार के लिए गहने खरीदते हैं। यह ज्यादा भावनात्मक निवेश है, वित्तीय रूप से कम फायदेमंद।खामियां- मेकिंग चार्ज 5% से 25% तक हो सकता है- खरीद और बिक्री पर तीन फीसदी जीएसटी देय- बेचते समय शुद्धता जांच और कटौती का जोखिम- घर या लॉकर में रखने पर सुरक्षा और स्टोरेज का खर्च भी जुड़ता हैसावधानियां- हमेशा हॉलमार्क वाला (बीएसआई) सोना ही खरीदें- गहनों के बजाय कॉइन या बार खरीदें- मेकिंग चार्ज पहले से स्पष्ट कर लें- बिल और शुद्धता प्रमाण जरूर रखें2. डिजिटल गोल्ड: आसान लेकिन अनियमितडिजिटल गोल्ड ने छोटे निवेशकों के लिए सोना खरीदना बेहद आसान बना दिया है। मोबाइल ऐप के जरिए ₹10–₹100 से भी निवेश शुरू किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इसे बेचा या फिजिकल गोल्ड में बदला जा सकता है।खामियां- यह पूरी तरह अनियमित है। आरबीआई या सेबी के सीधे नियंत्रण में नहीं आता- निवेशक पूरी तरह प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता पर निर्भर रहते हैं।- अगर कोई प्लेटफॉर्म फेल होता है, तो निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ जाता है।- कम अवधि में बेचने पर आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स देना पड़ता है।सावधानियां- केवल भरोसेमंद और बड़े प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें- लंबे समय के लिए डिजिटल गोल्ड में ज्यादा रकम न रखें- समय-समय पर इसे फिजिकल या ईटीएफ में कन्वर्ट करने पर विचार करें- प्लेटफॉर्म की शर्तें और स्टोरेज व्यवस्था समझें- टैक्स नियमों की जानकारी जरूर रखें3. गोल्ड ईटीएफ : सबसे पारदर्शी और व्यवस्थित विकल्पगोल्ड ईटीएफ को सोने में निवेश का सबसे आधुनिक और सुरक्षित तरीका माना जाता है। यह सेबी द्वारा नियंत्रित होता है और स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर की तरह खरीदा-बेचा जा सकता है। इसमें शुद्धता की चिंता नहीं होती और कीमतें सीधे बाजार से जुड़ी होती हैं।खामियां- निवेश के लिए डीमैट खाता जरूरी है, साथ ही ब्रोकरेज और एक्सपेंस रेशियो के कारण थोड़ा खर्च भी जुड़ता है। इसमें फिजिकल डिलीवरी का विकल्प नहीं होता।सावधानियां- कम एक्सपेंस रेशियो वाले ईटीएफ चुनें- ज्यादा ट्रेडिंग से बचें, लंबी अवधि के लिए निवेश करें- भरोसेमंद फंड हाउस का चयन करें- डीमैट और ब्रोकरेज शुल्क का ध्यान रखें- पोर्टफोलियो में सीमित हिस्सा ही रखें (10–15%)4. प्राइस लॉक स्कीम: दिखती फायदेमंद, लेकिन छिपे जोखिमअक्षय तृतीया के आसपास ज्वैलर्स “प्राइस लॉक” स्कीम ऑफर करते हैं, जिसमें ग्राहक पहले से सोने की कीमत तय कर सकते हैं और बाद में खरीद सकते हैं।खामियां : पहली नजर में यह लाभदायक लगता है, लेकिन इसमें कई छिपी शर्तें होती हैं। अक्सर मेकिंग चार्ज अलग से जोड़ा जाता है, जिससे अंतिम कीमत बढ़ जाती है। डिजाइन विकल्प सीमित होते हैं और कई बार एडवांस राशि वापस नहीं मिलती।क्या सावधानी बरतें- पूरी स्कीम की शर्तें ध्यान से पढ़ें- मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क पहले से लिखित में लें- एडवांस की रिफंड पॉलिसी समझें- केवल भरोसेमंद ज्वैलर से ही योजना लें- निवेश के बजाय जरूरत के हिसाब से ही खरीदेंअक्षय तृतीया पर स्मार्ट निवेश की सलाह- अगर गहने चाहिए तो हॉलमार्क वाला 22 या 18 कैरेट वाला सोना चुनें।- अगर सिर्फ निवेश करना है तो गोल्ड ईटीएफ बेहतर विकल्प है।- छोटी रकम से शुरू करना चाहते हैं तो डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ईटीएफ एसआईपी शुरू सक सकते हैं- हमेशा नियमित ऑनलाइन मंच या बैंक से डिजिटल गोल्ड या ईटीएफ खरीदें।- लंबे समय (5-8 साल) के लिए निवेश करें तो रिटर्न बेहतर मिलता है।- एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध खरीदारी करें, गिरावट में खरीदना ज्यादा फायदेमंद

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