प्रदूषण का स्तर बढ़ा, ग्रेप का पहला चरण लागू

प्रदूषण का स्तर बढ़ा, ग्रेप का पहला चरण लागू

संक्षेप:

मंगलवार को राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 211 दर्ज किया गया नई

Oct 14, 2025 08:45 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

मंगलवार को राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 211 दर्ज किया गया नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता खराब होने के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने मंगलवार को ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) का पहला चरण लागू कर दिया है। आयोग ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार मंगलवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 211 दर्ज किया गया, जो ‘खराब श्रेणी में आता है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता इसी श्रेणी में रहने की संभावना है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

ज्ञात हो कि इस माह बारिश के बाद 7 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक 73 दर्ज किया गया था। मंगलवार को यह 200 पार कर गया। जिसके बाद ग्रेप का पहला चरण लागू किया गया। इस स्थिति को देखते हुए आयोग की उप-समिति ने दिल्ली-एनसीआर में जीआरएपी के चरण-1 के सभी 27 बिंदुओं को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित एजेंसियों को सख्ती से इन उपायों को लागू करने, निगरानी करने और समीक्षा करने को कहा गया है। आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे भी सहयोग करें और ग्रेप के पहले के तहत जारी नागरिक चार्टर का पालन करें। इसमें नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने वाहनों की नियमित जांच कराएं, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) अद्यतन रखें, रेड लाइट पर इंजन बंद करें, कचरा खुले में न जलाएं और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की सूचना ग्रीन दिल्ली या समीर ऐप पर दें। आयोग ने कहा है कि स्थिति की लगातार निगरानी की जाएगी और यदि वायु गुणवत्ता और बिगड़ती है तो आगे के चरणों को लागू करने पर विचार किया जाएगा। ------------------- ग्रेप 1 क्या है ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए तैयार किया गया दिशा निर्देश है। वायु गुणवत्ता सूचकांक की श्रेणी अच्छा: 0-50 संतोषजनक: 51-100 मध्यम: 101-200 खराब: 201-300 बहुत खराब: 301-400 वायु गुणवत्ता सूचकांक जब 201 से 300 के मध्य होता है तो ग्रेप का पहला चरण लगाया जाता है। इसमें निर्माण गतिविधियों का निलंबन, यातायात प्रबंधन, प्रदूषणकारी उद्योगों के संचालन पर प्रतिबंध शामिल है। नागरिकों के लिए जारी सलाह में स्पष्ट किया गया है कि वाहनों के इंजन को ठीक से ट्यून करें और टायरों का दबाव बनाए रखें। जहां तक मुमकिन हो, हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें। कूड़ा फैलाने और खुले में कचरा फेंकने से बचें। 311 ऐप, ग्रीन दिल्ली ऐप, समीर ऐप के माध्यम से वायु प्रदूषणकारी गतिविधियों की रिपोर्ट करें। ------------------- बारिश के बाद 7 अक्टूबर से राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 7 अक्टूबर--73 8 अक्टूबर--81 9 अक्टूबर--100 10 अक्टूबर--170 11 अक्टूबर--199 12 अक्टूबर--167 13 अक्टूबर--189 14 अक्टूबर--211 ग्रैपः पहला चरणः 1. निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों का सख्ती से पालन करें। 2. जिन परियोजनाओं का भूखंड 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक है और वे वेब पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं, वहां निर्माण गतिविधियों की अनुमति न दें। 3. ठोस अपशिष्ट, निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट, और खतरनाक अपशिष्ट की समय पर निकासी सुनिश्चित करें। 4. सड़कों पर नियमित रूप से पानी छिड़काव करें। 5. निर्माण स्थल पर मलबे को ढक कर रखें और केवल कवर किए गए वाहनों के माध्यम से मलबे का परिवहन करें। 6. निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन का अनिवार्य उपयोग करें। 7. सड़कों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव में धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग करें। 8. खुले में जैविक कचरे या ठोस अपशिष्ट को जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाएं। 9. लैंडफिल स्थलों पर कचरा जलाने की घटनाओं पर सख्त निगरानी रखें। 10. यातायात पुलिस को भारी ट्रैफिक वाले स्थानों पर तैनात करें। 11. वाहनों के पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) नियमों का सख्ती से पालन करें। 12. प्रदूषित वाहन दिखने पर तुरंत कार्रवाई करें। 13. गैर-गंतव्य ट्रक यातायात को पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से ले जाएं। 14. पुराने डीजल या पेट्रोल वाहनों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन करें। 15. अवैध उद्योगों पर सख्त कार्रवाई करें। 16. ईंट भट्टों और हॉट मिक्स प्लांट में प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन सुनिश्चित करें। 17. उद्योगों में केवल स्वीकृत ईंधनों का उपयोग सुनिश्चित करें। 18. थर्मल पावर प्लांट्स में प्रदूषण मानकों का सख्ती से पालन करें। 19. पटाखों पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन करें। 20. औद्योगिक कचरे की नियमित निकासी सुनिश्चित करें। 21. एनसीआर में बिजली की आपूर्ति में व्यवधान को कम करें। 22. डीजल जनरेटर सेट का नियमित रूप से उपयोग पावर सप्लाई के लिए न हो। 23. होटलों, रेस्तरांओं और खुले खाने के स्थानों में केवल बिजली/गैस आधारित उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करें। 24. सोशल मीडिया और एसएमएस के माध्यम से लोगों को प्रदूषण स्तर के बारे में सूचित करें। 25. प्रदूषणकारी गतिविधियों की शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित करें। 26. कार्यालयों में कर्मचारियों के लिए संयुक्त परिवहन की व्यवस्था को बढ़ावा दें। 27. अवैध औद्योगिक गतिविधियों और प्रदूषणकारी स्रोतों की रिपोर्टिंग के लिए मोबाइल ऐप्स का उपयोग करें। ---------------------