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22 फरवरी, 2020|10:16|IST

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AIIMS 20 स्कूली बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर काम करेगा

dr randeep guleria   dr m k bimal and shri anil pathak

स्कूली बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) काम करेगा। इसे लेकर शुक्रवार को एम्स और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच में करार हुआ है। इस दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सदस्य ए.के पाठक और एम्स के निदेशक डॉक्टर गुलेरिया भी मौजूद थे। इसके तहत मेट (माइंड एक्टिवेशन थ्रू एजुकेशन) कार्यक्रम की शुरूआत की जा रही है। पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर दिल्ली के निजी और सरकारी 20 स्कूलों को इसके लिए चुना गया है।  


एम्स के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. नंद कुमार ने बताया कि स्कूली बच्चों की बेहतरी के लिए यह प्रोजेक्ट बहुत जरूरी है। इससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर किया जाएगा। उन्हें व्यवहार कुशल बनाने का प्रयास होगा। बच्चों का माता-पिता व शिक्षकों के व्यवहार के बीच अच्छा सुंतलन स्थापित करने पर काम किया जाएगा। बच्चों की मानसिक क्षमताओं को जानने की कोशिश होगी। बच्चों को तनाव से दूर रहने में मदद की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के 20 स्कूलों को शामिल किया जाएगा। कक्षा छठीं से लेकर 12 वीं तक के बच्चों की काउंसलिंग भी होगी। छात्रों के लिए सभी स्कूलों में पांच वर्कशॉप आयोजित होंगी। इसमें एक वर्कशॉप में छात्रों के परिजनों को भी बुलाया जाएगा। इस पायलेट प्रोजेक्ट का सारा खर्चा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया वहन करेगी।


इस मौके पर एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि आज स्कूलों में बच्चों पर पढ़ाई व दूसरी गतिविधियों का काफी दबाव रहता है। जिसके लिए बच्चों को मानसिक तौर पर स्वस्थ्य होना बहुत जरूरी है। बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए मेट कार्यक्रम की शुरूआत की जा रही है। इस अभियान के तहत 6 छठीं से लेकर आठवीं तक के बच्चों को कई तरह की गतिविधियां भी कराई जाएंगी। इस कार्यक्रम की हर वर्ष समीक्षा होगी। जिससे यह पता किया जा सकेंगा कि यह कितना कारगर साबित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल अभियान को इससे जोड़ेंगे।

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  • Web Title:AIIMS will work on mental health of 20 school children