एम्स में ढाई गुना डायलिसिस मशीनें बढ़ीं, मरीजों को मिलेगी राहत

Feb 16, 2026 07:00 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली में एम्स अस्पताल ने किडनी बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए राहत की घोषणा की है। नेफ्रोलॉजी विभाग में 36 नई डायलिसिस मशीनें लगाई गई हैं, जिससे डायलिसिस की सुविधाएं दोगुनी हो गई हैं। इससे किडनी प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा कर रहे मरीजों को अब बाहर डायलिसिस कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

एम्स में ढाई गुना डायलिसिस मशीनें बढ़ीं, मरीजों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। एम्स में किडनी की बीमारी से पीड़ित होकर इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में करीब साढ़े तीन दशक बाद इलाज की सुविधाएं बढ़ाई गई हैं और 36 नई डायलिसिस मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों का इलाज में इस्तेमाल भी शुरू कर दिया गया है। इससे एम्स में पहले की तुलना में डायलिसिस मशीनें ढाई गुना अधिक हो चुकी हैं। इसका फायदा एम्स में किडनी प्रत्यारोपण के लिए इंतजार करने वाले मरीजों को मिलेगा। उन्हें डायलिसिस बाहर किसी दूसरे अस्पताल में करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

एम्स में वर्ष 1989 में यह डायलिसिस यूनिट शुरू हुई थी। तब से नेफ्रोलॉजी विभाग में 24 बेड और 13 डायलिसिस मशीनें ही उपलब्ध थीं। मौजूदा समय में नेफ्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में हर वर्ष किडनी के 7265 नए मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा हजारों पुराने मरीज फॉलोअप के लिए पहुंचते हैं। एम्स में जनरल सर्जरी के अलावा यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर भी किडनी प्रत्यारोपण करने लगे हैं। इस वजह से किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी भी बढ़ी है। प्रतीक्षा सूची में शामिल मरीजों को नहीं मिल पाती थी सुविधा एम्स में किडनी प्रत्यारोपण के लिए एक वर्ष की प्रतीक्षा सूची है। डायलिसिस की सुविधा कम होने के कारण पहले एम्स में किडनी प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा सूची में शामिल मरीजों को डायलिसिस की सुविधा नहीं मिल पाती थी। ऐसे मरीज दूसरे अस्पताल में डायलिसिस कराने को मजबूर थे। एम्स में अस्पताल के विभिन्न वार्डों और आईसीयू में भर्ती मरीजों की ही डायलिसिस हो पाती थी। नेफ्रोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. डी भौमिक ने बताया कि 36 नई डायलिसिस मशीनें लग गई हैं और उससे इलाज शुरू कर दिया गया है। इसलिए अब किडनी प्रत्यारोपण के लिए सूचीबद्ध मरीजों का डायलिसिस एम्स में ही होगा। वहीं, नेफ्रोलॉजी के वार्ड में आठ बेड भी बढ़े हैं। इसके अलावा पुरानी डायलिसिस यूनिट की मशीनें हटाकर वहां नेफ्रोलॉजी विभाग के लिए वार्ड बनाया जा रहा है। इससे नेफ्रोलॉजी विभाग के लिए बेड और बढ़ जाएंगे।

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