एआईएडीएमके ने बागी नेताओं को पार्टी पद से हटाया
नोट-- तमिलनाडु में विश्वास मत वाली खबर के साथ इसे लगाएं चेन्नई, एजेंसी।

चेन्नई, एजेंसी। एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने टीवीके के समर्थन में मत देने वाले बागियों को पार्टी के पद से हटा दिया है। पार्टी ने सीवी शणमुगम, एसपी वेलुमणि, आर कामराज, सी विजयभास्कर और नाथम आर. विश्वनाथन सहित 26 बागी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। राज्यसभा सांसद आईएस इनबादुरई ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी का विधिवत मान्यता प्राप्त नेतृत्व पलानीस्वामी ही व्हिप (सचेतक) नियुक्त कर सकते हैं। विधायक खुद से व्हिप नियुक्त नहीं कर सकते। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी फैसला दिया था कि विधायक दल और राजनीतिक दल दो अलग-अलग संस्थाएं हैं और संविधान की 10वीं अनुसूची केवल राजनीतिक दल को ही मान्यता देती है。
पार्टी की कार्रवाई गलत : शणमुगम
पार्टी की इस अनुशासनात्मक कार्रवाई पर शणमुगम ने कहा कि उन्हें पद से हटाया जाना अमान्य है और पलानीस्वामी के पास ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने हैरानी जताते हुए पूछा कि आखिर कार्रवाई कैसे की जा सकती है, जबकि नेताओं ने यह कहा था कि चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा की जानी चाहिए और पार्टी को मजबूत करने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। शणमुगम ने कहा कि पार्टी महासचिव ने यह कार्रवाई शुरू करने से पहले उनसे कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा था। शणमुगम ने पलानीस्वामी पर पार्टी के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।
परिवार को फायदा पहुंचाने का आरोप
शणमुगम ने पलानीस्वामी पर अपने परिवार को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अचानक पलानीस्वामी ने 2026 के चुनावों के लिए भाजपा के साथ चुनावी गठबंधन कर लिया। वह पार्टी नेताओं की राय नहीं लेते और अकेले ही फैसले लेते हैं।
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