एआई के जरिए ग्राहकों की जरूरत का पता कर रही कंपनियां

Feb 18, 2026 07:30 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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कंपनियां एआई का उपयोग करके ग्राहकों की पसंद, जरूरतें और फ्री टाइम का पता लगा रही हैं। भारतीय स्टेट बैंक ने बताया कि वह एआई के माध्यम से 53 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं दे रहा है। एआई टूल्स से साइबर ठगी का पता लगाना और सड़क की स्थिति का सर्वेक्षण करना भी संभव हो रहा है।

एआई के जरिए ग्राहकों की जरूरत का पता कर रही कंपनियां

नई दिल्ली, अरुण चट्ठा। एआई के जरिए अब कंपनियां जनसमस्याओं से लेकर ग्राहकों की जरूरत, पंसद और फ्री टाइम का पता कर रही हैं। बैंकिंग कंपनियों से लेकर अन्य तरह की सेवाएं देने वाली कंपनियां एआई मॉडल के जरिए ग्राहक की पूरी दिनचर्या को संकलित कर अपनी सेवाओं को बेच रही हैं। इतना ही नहीं, कई कंपनियों ने ऐसे मॉडल विकसित किए हैं जो आपकी पंसद के हिसाब से खरीदारी करने के विकल्प देंगी। एआई समिट-2026 में देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने बताया है कि वह कैसे करीब 53 करोड़ ग्राहकों को उनकी पंसद की सेवाएं देने में एआई की मदद ले रहा।

बैंक मौजूदा वक्त में करीब 160 एआई मॉड्यूल का इस्तेमाल ग्राहकों को सेवा देने व निगरानी करने के तौर पर कर रही है। बैंक हर उत्पाद के हिसाब से एआई के जरिए अपने ग्राहकों पर अध्ययन करता है और फिर पता लगाता है कि ग्राहक को ऋण, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या फिर अन्य तरह की किस बैंकिंग सेवा की जरूरत है। इसके बाद एआई कॉल सेंटर को जानकारी देता है कि संबंधित व्यक्ति को बैंक से जुड़ी इन सेवाओं की जरूरत है। फिर बाद कॉल सेंटर से कॉल की जाती है। बैंक के डीजीएम शकील अहमद बताते हैं कि हम एआई का इस्तेमाल ग्राहकों से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर करने और उन्हें अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए कर रहे हैं। हमारा एक एआई मॉडल पेटेंट भी हो चुका है। इतना ही नहीं, साइबर ठगी, धोखाधड़ी, साइबर अपराध, या मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट का पता लगाने में बड़ी मदद मिली है। इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि अगर पहले किसी खाते को ट्रेस करने में पांच दिन लगते थे तो वह काम अब पांच मिनट में हो रहा है। एआई कैसे करता है काम - ग्राहक द्वारा बैंक का मोबाइल ऐप, इंटरनेंट बैंकिंग, एटीएम कार्ड, डेबिट व क्रेडिट कार्ड और यूपीआई इस्तेमाल किए जाने पर रियल टाइम निगरानी - अगर ग्राहक ऐप ज्यादा समय तक खोलकर देखता है तो पता चलता है कि उस वक्त ग्राहक फ्री है - लेने-देन के आधार पर ग्राहक के व्यहवार और जरूरत का पता लगाय जाता है - भुगतान के आधार पर पता किया जाता है कि ग्राहक किन चीजों पर ज्यादा खर्च कर रहा। उसी के आधार पर ग्राहकों को सेवा संबंधी कॉल की जाती है - किसी खाते से अप्रत्याशित रूप से बड़ी नगदी कटने या फिर लगातार लेने देन होने पर रियल टाइम रिपोर्टिंग से साइबर ठगी रोकने में मदद ग्राहक कब फ्री, एआई लगाता है पता एसबीआई बेस्ट टाइम टू-कॉल नाम से एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहा। बैंक का कहना है कि यह टूल हमारे लिए खास है क्योंकि टूल की मदद से हमें पता चलता है कि ग्राहक कब अधिक फ्री होता है। हर ग्राहक के बैंक संबंधी ट्रांजैक्शन मूवमेंट की निगरानी की जाती है। इसके बाद ग्राहक सेवा केंद्र से फ्री समय पर ही ग्राहक को कॉल किया जाता है। सड़क के गड्ढे पता करता है एआई समिट में हनुएआई नाम की कंपनी ने अपना एआई टूल पेश किया है, जो वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर यह पता लगाता है कि सड़क की चौड़ाई कितनी है और सड़क कितनी जगह खराब है। कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट सनत गोयल बताता है कि किसी भी वीडियो कैमरे की मदद से सड़क का वीडियो बनाना है, फिर एआई टूल का मदद से यह पता लगाया जाता है कि सड़क कितने हिस्से में खराब है और सड़क पर कितनी जगह गड्ढे है। एआई सड़क की पूरी हिस्ट्री तैयार करता है जिसमें सड़क कब और किस योजना में बनी इसका पूरा रिकॉर्ड रहता है। गाड़ी की गति सीमित होनी चाहिए सड़क का वीडियो बनाते समय गाड़ी की गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा से कम होनी चाहिए। अभी तक हमने 1.85 लाख किलोमीटर (लेन) सड़क का सर्वे किया है। यहां तक की फुटपाथ और सड़क पर कितने जगहों पर अतिक्रमण है। वह भी पता लगाया गया। पंजाब में हमारे एआई की मदद से सरकार ने करीब 383 करोड़ रुपये बचाया है। क्योंकि एआई की मदद से पता चला कि सड़क बनने के बाद तत्काल टूट गई। जबकि मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की थी और उसकी शर्तों में शामिल था।

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