
एआई निवेश पर सकारात्मक नतीजे की उम्मीद
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों में कृत्रिम मेधा (एआई) पर भरोसा बढ़ रहा है। 93 प्रतिशत संगठनों को तीन साल में सकारात्मक रिटर्न की उम्मीद है। 2025 तक, भारत की कंपनियां एआई पर औसतन 3.1 करोड़ डॉलर खर्च करेंगी। वर्तमान में, एआई का उपयोग 23 प्रतिशत व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा है, जो अगले दो वर्षों में 41 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है।
नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय कंपनियों में कृत्रिम मेधा (एआई) को लेकर भरोसा लगातार बढ़ रहा है और 93 प्रतिशत संगठनों को एआई निवेश से तीन साल से कम समय में सकारात्मक रिटर्न मिलने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई है। जर्मन सॉफ्टवेयर एवं व्यवसाय समाधान प्रदाता एसएपी (सैप) की 'वैल्यू ऑफ एआई रिपोर्ट 2025' को ऑक्सफोर्ड इकॉनमिक्स के साथ मिलकर तैयार किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की कंपनियां वर्ष 2025 में एआई पर औसतन 3.1 करोड़ डॉलर खर्च कर रही हैं, जो वैश्विक औसत 2.67 करोड़ डॉलर से अधिक है। यह निवेश मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर, अवसंरचना, प्रतिभा और परामर्श सेवाओ पर किया जा रहा है।

अध्ययन में पाया गया कि भारतीय व्यवसायों ने इस वर्ष एआई पहल से औसतन 15 प्रतिशत रिटर्न दर्ज किया है, जो अगले दो वर्षों में बढ़कर 31 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। अधिकांश कंपनियों का मानना है कि 2030 तक एआई उनकी व्यवसाय प्रक्रिया, निर्णय और ग्राहक सेवाओं का अभिन्न हिस्सा बन जाएगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एआई का इस्तेमाल फिलहाल लगभग 23 प्रतिशत व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा है और अगले दो वर्षों में इसका योगदान बढ़कर 41 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




