आपदा प्रबंधन में एआई के लिए कानूनी ढांचे की जरूरत : मोहंती
संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय के संजीत मोहंती ने कहा कि एआई आपदा प्रबंधन में नुकसान कम करने में सहायक हो सकता है, लेकिन इसके लिए कानूनी और नीतिगत ढांचे की जरूरत है। भारत ने एआई का बेहतर प्रयोग किया है, जिससे आपदाओं के अनुमान और विश्लेषण में सुधार हुआ है।

नई दिल्ली, एजेंसी। आपदा प्रबंधन में एआई नुकसान कम करने में मददगार हो सकता है, लेकिन इसके लिए कानूनी और नीतिगत ढांचे की जरूरत होगी। यह बात संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय (यूएनडीआरआर) के शीर्ष अधिकारी संजीत मोहंती ने कही। सोमवार को समिट में एक सत्र को संबोधित करते हुए मोहंती ने कहा कि भारत ने आपदा प्रबंधन में एआई का बेहतर प्रयोग किया है। कहा कि दुनियाभर में हर साल 200 बिलियन डॉलर का नुकसान आपदाओं में होता है। आपदा के अनुमान और विश्लेषण में एआई के प्रयोग पर उन्होंने कहा कि आज हम ऐसे समाधान देख रहे हैं जो पहले मुमकिन नहीं थे।
हालांकि, उन्होंने कहा कि हमें ध्यान रखना होगा कि क्या यह वास्तव में प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है। कहा कि इसके लिए एआई के साथ उन लोगों को जोड़ना जरूरी है, जो फैसले लेते हैं। इसके लिए कानूनी और नीतिगत ढांचे बनाने की जरूरत जताई। सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष वीके शर्मा ने कहा कि भारत सरकार समेत कई सरकारों ने नई तकनीकों के विकास से होने वाले बदलावों को अपना लिया है। पहले फोकस राहत पर था, लेकिन अब नई तकनीक से पूर्वानुमान संभव हुआ है जिससे नुकसान को कम करने में मदद मिली है।
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