कांग्रेस ने असम के लोगों के साथ किया अन्याय : शिवराज
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर असम की जनता के साथ पांच बड़े अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विभाजन के समय असम को पाकिस्तान को सौंपने का प्रयास किया, 1962 में युद्ध के दौरान राज्य को छोड़ दिया, घुसपैठियों को बसने दिया, रोजगार के अवसरों में कमी की और लोकतंत्र को कमजोर किया।

गुवाहाटी, एजेंसी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कांग्रेस पर स्वतंत्रता के बाद से असम की जनता के साथ पांच बड़े अन्याय करने का आरोप लगाया। कृषि मंत्री ने बोकाखाट और नाडुआ में दो चुनावी रैलियों में आरोप लगाया कि 1947 में विभाजन के दौरान कांग्रेस 'असम को पाकिस्तान को सौंपने के पक्ष में' थी, लेकिन राज्य के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई ने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की कि यह भारत का हिस्सा बना रहे।उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा किया गया दूसरा अन्याय 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान हुआ था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राज्य को उसकी तकदीर पर छोड़ दिया।
कांग्रेस का तीसरा अन्याय राज्य में घुसपैठियों को बसने देना और उन्हें संरक्षण देना था, जिससे उसके संसाधनों और रोजगार के अवसरों पर दबाव पड़ा, लेकिन भाजपा घुसपैठियों के चंगुल से सभी जमीनों को मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है।चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने रोजगार के अवसर पैदा करने में 'विफल' रहकर चौथा अन्याय किया, इस कारण युवाओं को रोजगार की तलाश में राज्य छोड़कर बाहर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पार्टी का पांचवां अन्याय यह है कि इसने लोकतंत्र को कमजोर किया और देश में वंशवादी शासन को बढ़ावा दिया। चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक राज्य के चाय बागान श्रमिकों के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि केवल भाजपा ही राज्य के विकास के सफर को आगे ले जा सकती है।
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