दाखिले की दौड़ : डीयू के पीजी पाठ्यक्रम में सात जून तक प्रवेश का मौका
विश्वविद्यालय ने बताया कि केवल सीयूईटी (पीजी) परीक्षा में शामिल होना दाखिले के लिए पर्याप्त नहीं है। सभी अभ्यर्थियों को कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसए

नई दिल्ली। डीयू ने परास्नातक (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने की सलाह देते हुए स्पष्ट किया है कि सीएसएएस (पीजी)-2026 पोर्टल पर आवेदन की अंतिम तिथि सात जून है। यह प्रक्रिया नियमित पाठ्यक्रमों के साथ-साथ नॉन कॉलेजिएट वूमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) के लिए भी लागू होगी। विश्वविद्यालय ने बताया कि केवल सीयूईटी (पीजी) परीक्षा में शामिल होना दाखिले के लिए पर्याप्त नहीं है। सभी अभ्यर्थियों को कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस)-पीजी पोर्टल पर अलग से आवेदन करना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय के सभी विभागों, केंद्रों और संबद्ध कॉलेजों में पीजी दाखिले इसी पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे।
दाखिला प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिलॉकर और एपीआई सेतु को जोड़ा गया है।दिव्यांग अभ्यर्थियों को विशेष राहतइस वर्ष विश्वविद्यालय ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को विशेष राहत भी दी है। डीयू ने घोषणा की है कि सीएसएएस (पीजी) की करेक्शन विंडो में पात्र अभ्यर्थियों को एक बार पीडब्ल्यूबीडी श्रेणी चुनने का अवसर दिया जाएगा। यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगी, जिनके पास 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता का वैध प्रमाणपत्र और यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) होगी। हालांकि, सीयूईटी (पीजी) में पहले से पीडब्ल्यूबीडी श्रेणी का लाभ ले चुके अभ्यर्थी अपनी श्रेणी नहीं बदल सकेंगे।तीन चरण होंगेसीएसएएस (पीजी)-2026 की आवेदन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में अभ्यर्थी को प्रोफाइल बनानी होगी, दूसरे चरण में पाठ्यक्रम एवं वरीयताएं भरनी होंगी और तीसरे चरण में शुल्क जमा करना होगा। सामान्य, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये प्रति कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, जबकि एससी, एसटी और पीडब्ल्यूबीडी वर्ग के लिए यह 100 रुपये प्रति कार्यक्रम है। खेल कोटा, संगीत, ललित कला, बीपीएड, एमपीएड और अन्य प्रदर्शन आधारित पाठ्यक्रमों के लिए अलग पात्रता एवं अतिरिक्त शुल्क लागू होगा।छात्रों के लिए जरूरी बातें- केवल सीयूईटी (पीजी) देना पर्याप्त नहीं, सीएसएएस पर आवेदन जरूरी।- पात्रता शर्तें और पीजी बुलेटिन ध्यान से पढ़ें।- सभी दस्तावेज पहले से स्कैन कर तैयार रखें।- अंतिम दिन तक इंतजार न करें।- बैंक खाते की जानकारी सावधानी से भरें।- लॉगइन आईडी और पासवर्ड सुरक्षित रखें।- केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें।- गलत जानकारी देने पर प्रवेश रद्द हो सकता है।- नियमित रूप से ईमेल और डैशबोर्ड जांचते रहें।-------------------------------------एनसीडब्ल्यूईबी के लिए अहम जानकारी- केवल महिला अभ्यर्थी आवेदन कर सकती हैं।- अभ्यर्थी का दिल्ली का निवासी होना आवश्यक है।- प्रवेश सीयूईटी (पीजी) 2026 के स्कोर के आधार पर होगा।- कक्षाएं सप्ताहांत (आमतौर पर शनिवार-रविवार) में आयोजित की जाती हैं।- पीजी कक्षाएं मुख्य रूप से नॉर्थ कैंपस स्थित ट्यूटोरियल बिल्डिंग में संचालित होती हैं।यहां करें आवेदनदाखिले से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय ने हेल्पलाइन, चैटबॉट और ईमेल सहायता सुविधा उपलब्ध कराई है। विश्वविद्यालय का कहना है कि पूरी प्रवेश प्रक्रिया केवल ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगी और किसी भी प्रकार के ऑफलाइन अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थी पीजी प्रवेश पोर्टल pgadmission.uod.ac.in से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
लेखक के बारे में
Abhinaw Upadhyayशॉर्ट बायो : अभिनव उपाध्याय पिछले लगभग 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार हैं और वर्तमान में हिंदुस्तान दैनिक में प्रमुख संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा, साहित्य, संगीत, कला, सामाजिक मुद्दों, पर्यावरण और राजनीति से जुड़े विषय उनकी विशेष विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिनव उपाध्याय राजधानी की पत्रकारिता दुनिया का एक विश्वसनीय और सक्रिय नाम हैं, जिन्हें समाचार लेखन, विश्लेषण और जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर गहरी पकड़ के साथ लगभग दो दशक का अनुभव है। बीते करीब आठ वर्षों से वे हिंदुस्तान दैनिक से जुड़े हैं और दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों, छात्र राजनीति तथा सांस्कृतिक गतिविधियों की व्यापक और शोधपरक कवरेज कर रहे हैं।
करियर का सफर
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साहित्यिक पत्रिका ‘कथादेश’ से की, जिसके बाद ‘आज समाज’ और ‘दैनिक जागरण’ जैसे प्रमुख संस्थानों में विभिन्न बीट्स पर कार्य किया। आज समाज में कार्य करते हुए 1984 के सिख दंगों के 25 वर्ष पूरे होने पर विशेष श्रृंखला तथा दैनिक जागरण में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, दिल्ली और आजादी के 75 वर्ष पर शैक्षणिक संस्थानों के योगदान से जुड़ी शोधपरक श्रृंखलाएं तैयार कीं। वर्तमान भूमिका में उन्होंने कई महत्वपूर्ण साक्षात्कार, ब्रेकिंग स्टोरी और विशेष पैकेज किए हैं, साथ ही गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव सहित अनेक प्रमुख आयोजनों की रिपोर्टिंग की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और उपलब्धियां
अभिनव ने पीएचडी, राजनीति विज्ञान में एमए, बीएड और बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (डिप्लोमा) की उपाधियां प्राप्त की हैं। उन्हें संस्कृति मंत्रालय द्वारा मौलाना मोहम्मद अली जौहर पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त रॉयटर का डिजिटल जर्नलिज्म कोर्स तथा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की जूनियर रिसर्च फेलोशिप भी उन्हें प्राप्त है। उनके कई लेख और शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं, विशेषकर भोजपुरी गीतों में सामाजिक चेतना पर उनका शोध उल्लेखनीय है।
सार्वजनिक भूमिका और रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ वे विभिन्न शैक्षणिक और सार्वजनिक मंचों पर वक्ता, शोधपत्र प्रस्तुतकर्ता, समिति सदस्य और निर्णायक के रूप में सक्रिय रहते हैं। लेखन, संगीत, कुकिंग और यात्रा उनकी प्रमुख रुचियां हैं, जो उनके रचनात्मक व्यक्तित्व को और समृद्ध बनाती हैं।
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