प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने देखा बुनियादी बदलाव: करण अदाणी
अहमदाबाद में वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन के दौरान, करण अदाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने सोच और विकास में बुनियादी बदलाव देखा है। उन्होंने बताया कि कच्छ आज औद्योगिक और ऊर्जा केंद्र बन चुका है। अदाणी ग्रुप कच्छ में 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा, जो भारत की विकास प्राथमिकताओं से जुड़ा है।
अहमदाबाद, एजेंसी। अदाणी पोर्ट के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक बुनियादी बदलाव देखा है, सिर्फ आकार में नहीं, बल्कि सोच में भी। राजकोट में सोमवार को कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को लंबी सोच रखने की सीख दी है, घोषणाओं की जगह मजबूत संस्थान बनाने की दिशा दिखाई है और विकास को अलग-अलग योजनाओं की श्रृंखला नहीं, बल्कि एक सभ्यतागत मिशन के रूप में देखने का नजरिया दिया है।
करण अदाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शासन और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से लेकर दुनिया में भारत का आत्मविश्वास लौटाने के लिए कड़ी मेहनत की है। प्रधानमंत्री मोदी ने परिभाषित किया है कि लोकतंत्र में निर्णायक नेतृत्व कैसा होता है। आज भारत सिर्फ आगे बढ़ने की इच्छा नहीं रखता, बल्कि नेतृत्व करने, मानक तय करने और दुनिया के भविष्य को दिशा देने की आकांक्षा रखता है। गुजरात इस सोच का जीवंत उदाहरण है, जहां सोच के साथ काम भी होता है, और महत्वाकांक्षा के साथ परिणाम भी आते हैं। आज गुजरात भारत के सबसे विकसित औद्योगिक और वैश्विक रूप से जुड़े राज्यों में शामिल है। भारत की जीडीपी में 8 फीसदी से अधिक योगदान, देश के औद्योगिक उत्पादन में 17 प्रतिशत हिस्सेदारी, अपने पोर्ट्स के जरिए देश के 40 प्रतिशत कार्गो का संचालन और नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी भूमिका, ये सब मिलकर दर्शाते हैं कि एकीकृत विकास वास्तव में क्या होता है। यह सब एक दिन में नहीं हुआ करण अदाणी ने कहा कि यह सब एक दिन में नहीं हुआ। इसकी शुरुआत तब हुई जब प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री के रूप में यह साबित किया कि अच्छे शासन और तेज फैसलों के साथ राज्य सच में बदले जा सकते हैं। जब “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” शब्द देश की शब्दावली में भी नहीं था, तब गुजरात ने इसे तेज फैसले, मजबूत संस्थान और उद्यम के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए जमीनी स्तर पर संभव करके दिखाया। प्रधानमंत्री के रूप में आपने इसी सोच को संपूर्ण भारत में आगे बढ़ाया। सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद के जरिए राज्यों को विकास के इंजन बनाया गया। बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है। नीतियों में स्थिरता आई है। आज भारत निवेश और विनिर्माण के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बन चुका है। विकास के रास्ते पर भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता और बिखराव से जूझ रही है, भारत एक उजले अवसर के रूप में उभर रहा है। करण अदाणी ने कहा कि लगभग 8 प्रतिशत की दर से देश विकास कर रहा है, अपने विनिर्माण आधार को मजबूत कर रहा है, और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तथा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। इस राष्ट्रीय यात्रा के भीतर, कच्छ परिवर्तन का एक बहुत ही सशक्त प्रतीक है। कच्छ एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा करण अदाणी ने कहा कि कभी दूरस्थ और कठिन माना जाने वाला कच्छ, आज भारत के सबसे रणनीतिक औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा केंद्रों में से एक बन चुका है। अदाणी ग्रुप के लिए मुंद्रा हमारी कर्मभूमि है। यह न सिर्फ भारत का सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट और पूरी तरह एकीकृत मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स गेटवे है, बल्कि यहाँ भारत का सबसे बड़ा कॉपर स्मेल्टर प्लांट, कोयले से पीवीसी बनाने का कॉम्प्लेक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स भी स्थित है। मुंद्रा यह दर्शाता है कि लंबी अवधि की सोच कैसे न सिर्फ किसी क्षेत्र को, बल्कि उद्योगों को भी बदल सकती है। खावड़ा में सबसे बड़ा ऊर्जा पार्क करण अदाणी ने कहा कि खावड़ा में, हम दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित कर रहे हैं, जिसकी क्षमता 37 गीगावॉट होगी। यह सिर्फ एक ऊर्जा परियोजना नहीं है, यह दुनिया के सामने भारत का संदेश है कि आर्थिक विकास, जलवायु की जिम्मेदारी और ऊर्जा सुरक्षा, तीनों एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। अदाणी ग्रुप के लिए गुजरात सिर्फ निवेश का राज्य नहीं है, यह हमारी नींव है। उन्होंने कहा कि गुजरात वह जगह है, जहां से हमारी यात्रा शुरू हुई, और गुजरात ही वह स्थान है, जहाँ हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता आज भी मजबूती से जुड़ी हुई है। कच्छ में जारी रहेगा निवेश करण अदाणी ने कहा कि अदाणी ग्रुप अगले पांच वर्षों में कच्छ क्षेत्र में 1.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश के लिए प्रतिबद्ध है। हम खावड़ा परियोजना को पूरा करेंगे और 2030 तक पूरी 37 गीगावॉट क्षमता को चालू करेंगे और अगले दस वर्षों में मुंद्रा में अपने पोर्ट की क्षमता को दोगुना भी करेंगे। इन सभी निवेशों का सीधा संबंध भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से है, जिसमें रोजगार सृजन, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा, सतत विकास और लंबी अवधि की मजबूती शामिल हैं। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है, गुजरात इस राष्ट्रीय परिवर्तन का एक मजबूत आधार बना रहेगा।

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