महापुरुषों को याद करने के लिए ‘चिट्ठियां बांट रहे एबीवीपी के कार्यकर्ता

महापुरुषों को याद करने के लिए ‘चिट्ठियां बांट रहे एबीवीपी के कार्यकर्ता

संक्षेप:

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने छात्रों को राष्ट्रीय विचारधारा और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने के लिए चिट्ठियों का नूतन प्रयोग शुरू किया है। इसमें महापुरुषों और वीरांगनाओं के जीवनवृत्तों का...

Aug 27, 2025 08:45 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली। प्रमुख संवाददता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने छात्रों को राष्ट्रीय विचारधारा और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने के लिए एक प्रयोग शुरू किया है। परिषद ने दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों में छात्रों को ‘चिट्ठियां बांटने का नूतन प्रयोग किया है। इन चिट्ठियों में भारत के अलग-अलग राज्यों से जुड़े महापुरुषों और वीरांगनाओं के जीवनवृत्त तथा राष्ट्रहित में उनके योगदान का संक्षिप्त विवरण शामिल है। इनमें वीर कुंवर सिंह, महारानी अहिल्याबाई, रानी अबक्का और महाराणा प्रताप जैसे अनेक महत्त्वपूर्ण विभूतियों का वर्णन है। यह पहल छात्रों के बीच इतिहास और संस्कृति को जीवंत बनाने का माध्यम बन रही है।

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चिट्ठियों को पढ़कर विद्यार्थी न केवल महापुरुषों से प्रेरणा ले रहे हैं बल्कि अपने विचार भी साझा कर रहे हैं। एबीवीपी का मानना है कि यह संवाद युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक कर रहा है। एबीवीपी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में इस प्रयोग ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं और छात्रों के बीच विचार-विमर्श का नया मंच तैयार किया है। इससे वे अपनी व्यक्तिगत और सामाजिक भूमिका को और बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं। इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा से अपने नूतन प्रयोगों से परंपरा और संस्कृति को संरक्षण देती आई है। ‘चिट्ठी का यह प्रयोग भी उसी कड़ी का हिस्सा है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छात्र इसमें सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और पढ़कर अपने विचार प्रकट कर रहे हैं।